सागर में रेलवे सेक्शन इंजीनियर रिश्वत लेते गिरफ्तार, CBI ने होटल में दबोचा, 5 दिन की रिमांड मंजूर
मध्यप्रदेश के सागर में रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। सीबीआई की जबलपुर टीम ने रेलवे के सेक्शन इंजीनियर को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी को सागर के एक होटल से पकड़ा गया, जहां वह ठेकेदार से रिश्वत ले रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सीबीआई को 5 दिन की रिमांड मिल गई है।
ठेकेदार की शिकायत पर बिछाया गया जाल
मामले की शुरुआत एक ठेकेदार की शिकायत से हुई, जिसने जबलपुर सीबीआई में आरोप लगाया कि सागर रेलखंड में गिट्टी सप्लाई का काम पूरा करने के बाद उसकी सिक्योरिटी राशि रोक ली गई है। शिकायत के अनुसार, रेलवे के सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला ने राशि जारी करने के बदले 1 लाख रुपये की मांग की थी। भुगतान न करने पर लगातार फाइल को अटकाया जा रहा था। इसके बाद सीबीआई ने शिकायत की पुष्टि कर ट्रैप की योजना बनाई और कार्रवाई को अंजाम दिया।
सागर के होटल में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सीबीआई की टीम ने गुरुवार देर रात जाल बिछाकर ठेकेदार को रिश्वत की रकम के साथ होटल भेजा। सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला ने उसे सागर के एक होटल में बुलाया था। जैसे ही आरोपी ने 1 लाख रुपये की रिश्वत ली, पहले से मौजूद सीबीआई टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर जबलपुर रवाना किया गया, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
कोर्ट ने दी 5 दिन की सीबीआई रिमांड
शुक्रवार को आरोपी को जबलपुर स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए 5 दिन की रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब सीबीआई टीम आरोपी से गहन पूछताछ करेगी, ताकि इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क या अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा सके। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ में और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।
कैमरों से बचता नजर आया आरोपी, पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें
कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी मीडिया कैमरों से बचता नजर आया और अपना चेहरा छिपाता रहा। सूत्रों के अनुसार, आरोपी सेक्शन इंजीनियर के खिलाफ पहले भी विभागीय शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। अब सीबीआई की रिमांड के दौरान उसके वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित मामलों की जांच की जाएगी, जिससे रेलवे विभाग में फैले भ्रष्टाचार की परतें खुल सकती हैं।