जंतर-मंतर कार्रवाई पर रेणुका चौधरी का केंद्र पर हमला, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर जताया विरोध
जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। संसद परिसर से बाहर निकलते समय उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। इस दौरान कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भी उनके साथ मौजूद रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है।
संसद परिसर में सरकार पर बरसीं रेणुका चौधरी
राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसद परिसर से बाहर निकलते समय रेणुका चौधरी ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों और किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो रहा है।
आंसू गैस की आवाज सुनने के बाद दी प्रतिक्रिया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संसद परिसर के शार्दुल गेट के पास रेणुका चौधरी ने तेज आवाज सुनने के बाद सुरक्षा कर्मियों से उसके बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि यह प्रदर्शन स्थल पर दागे गए आंसू गैस के गोलों की आवाज है। इसके बाद उन्होंने नाराजगी जताते हुए पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में बयान दिया। यह रेणुका चौधरी का राजनीतिक बयान है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग उचित नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों की मांगों पर संवाद होना चाहिए, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी का हवाला दे रही है।
जंतर-मंतर पर जारी है छात्रों का आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन में विभिन्न छात्र समूहों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए हैं। हाल के दिनों में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
जंतर-मंतर की घटनाओं के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। विपक्ष लगातार सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार और प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।