करौली में नाबालिग से जुड़े गंभीर आरोप: मामी पर बहलाकर जेंडर चेंज कराने का मामला, CWC ने शुरू की जांच
राजस्थान के करौली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 17 वर्षीय नाबालिग नर्सिंग छात्रा ने अपनी चचेरी मामी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का दावा है कि उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जाया गया और वहां उसका कथित रूप से जेंडर चेंज ऑपरेशन कराया गया। मामला सामने आने के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम में POCSO एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
मामी पर शोषण और बहलाने के गंभीर आरोप
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि वह भरतपुर में एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी और किराए के कमरे में रहती थी। इसी दौरान उसकी चचेरी मामी और मामा उससे मिलने आए थे। कुछ समय बाद मामी उसके साथ ही रहने लगी। आरोप है कि इसी दौरान मामी ने उसे मानसिक रूप से प्रभावित किया और शादी व भविष्य का झांसा देकर अपने प्रभाव में ले लिया। पीड़िता का कहना है कि धीरे-धीरे उस पर विश्वास बनाकर उसे ऐसे निर्णय के लिए मजबूर किया गया, जिससे उसका जीवन पूरी तरह बदल गया।
दिल्ली ले जाकर कराया गया कथित जेंडर चेंज ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल को मामी पीड़िता को ट्रेन से दिल्ली ले गई, जहां मानेसर क्षेत्र में उसे एक किराए के कमरे में रखा गया। आरोप है कि वहां एक परिचित के माध्यम से कथित जेंडर चेंज प्रक्रिया की तैयारी कराई गई। बाद में पीड़िता को दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया, जहां ऑपरेशन किया गया। इस दौरान आर्थिक लेन-देन और अन्य प्रक्रियाओं में भी बाहरी लोगों की भूमिका सामने आई है। हालांकि ऑपरेशन सफल नहीं होने की बात भी पीड़िता द्वारा बताई गई है।
डॉक्टर और अस्पताल पर भी जांच के आदेश
मामले के सामने आने के बाद बाल कल्याण समिति ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। CWC अध्यक्ष के अनुसार पीड़िता की मेडिकल जांच में चोटों के निशान पाए गए हैं। इसके बाद संबंधित प्राइवेट अस्पताल और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं। समिति ने इस पूरे मामले को POCSO एक्ट के तहत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही पीड़िता की काउंसलिंग भी कराई जा रही है ताकि उसकी मानसिक स्थिति को स्थिर किया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पीड़िता के पिता ने पहले मथुरा गेट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर जांच शुरू की। पुलिस टीम दिल्ली पहुंची, लेकिन वहां से आरोपी मामी और पीड़िता फरार हो गए। बाद में दोनों की लोकेशन मुरादाबाद, अलीगढ़, वृंदावन और इंदौर जैसे शहरों में मिली। अंततः पुलिस ने दोनों को इंदौर से दस्तयाब कर लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क की भूमिका की गहन जांच कर रही है।