5 लाख में खरीदी पटवारी की नौकरी! डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर बना सरकारी कर्मचारी, 5 साल बाद SOG ने किया गिरफ्तार
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की वर्ष 2021 की पटवारी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले एक पटवारी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये देकर दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई और करीब पांच वर्षों तक सरकारी सेवा करते हुए वेतन भी प्राप्त करता रहा। अब एसओजी पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर हासिल की सरकारी नौकरी
एसओजी की जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दिनेश कुमार विश्नोई ने वर्ष 2021 की पटवारी भर्ती परीक्षा स्वयं देने के बजाय एक डमी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र भेजा। आरोप है कि प्रवेश पत्र पर फर्जी फोटो और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर परीक्षा दिलाई गई। परीक्षा में चयन होने के बाद आरोपी की नियुक्ति सिरोही जिले के रेवदर क्षेत्र के मगरीवाड़ा पटवार हल्के में पटवारी के पद पर हो गई। लंबे समय तक नौकरी करने के बावजूद इस फर्जीवाड़े का खुलासा नहीं हो सका।
गोपनीय सूचना के बाद खुला पूरा मामला
एसओजी को वर्ष 2024 में मिली गोपनीय सूचना के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की गई। दस्तावेजों, परीक्षा रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल के बाद आरोपी की भूमिका सामने आई। जांच पूरी होने के बाद एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। परीक्षा के लगभग पांच साल बाद हुई इस कार्रवाई को भर्ती घोटालों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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5 लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित रूप से बिचौलिए चौथाराम विश्नोई के माध्यम से मीरपुरा निवासी विक्रम विश्नोई से संपर्क किया था। आरोप है कि डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने के लिए लगभग 5 लाख रुपये का सौदा तय किया गया था। एसओजी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि भर्ती घोटाले की पूरी परतें सामने लाई जा सकें।
पहले निलंबित, अब गिरफ्तारी
मामले में नाम सामने आने के बाद करीब नौ महीने पहले आरोपी पटवारी को निलंबित कर दिया गया था और उसका मुख्यालय पिंडवाड़ा एसडीएम कार्यालय निर्धारित किया गया था। अब औपचारिक गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस मामले का कथित बिचौलिया चौथाराम विश्नोई की करीब एक वर्ष पहले ट्रेन हादसे में मौत हो चुकी है।
भर्ती घोटालों पर SOG की लगातार कार्रवाई
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, डमी अभ्यर्थियों और नकल गिरोहों के खिलाफ एसओजी लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और यदि इस रैकेट में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना और दोषियों को कानून के दायरे में लाना है।