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पुष्कर पशु मेले में पहली बार ऊंट के शृंगार और ऊंटनी के दूध की प्रतियोगिता, नागौरी बैल भी दिखाएंगे दम

अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला 2026 इस बार कई नए आकर्षणों के साथ आयोजित होगा। पशुपालन विभाग ने पशु प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम जारी कर पोस्टर का विमोचन किया है। इस बार पहली बार ऊंट के शृंगार और ऊंटनी के दूध की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा नागौरी बैल, बकरी और बकरे की प्रतियोगिताएं भी होंगी। पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने पुरस्कार राशि तय की है। मेले का औपचारिक आयोजन 17 से 24 नवंबर तक होगा।

17 नवंबर से शुरू होगा पुष्कर मेला
फोटो: STV NEWS RAJASTHAN

मुख्य बातें

  • पुष्कर पशु मेले में पहली बार ऊंटनी के दूध की प्रतियोगिता
  • ऊंट का शृंगार और नागौरी बैल का दमखम, पुष्कर मेले में होंगे नए आयोजन
  • 17 नवंबर से शुरू होगा पुष्कर मेला, पशुपालकों के लिए पुरस्कार राशि तय

AJMER, 07 NOV. 2026:

पहली बार ऊंट के शृंगार और दूध की प्रतियोगिता

इस बार पुष्कर पशु मेले में ऊंटों से जुड़ी दो नई प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहली बार ऊंट के शृंगार और ऊंटनी के दूध की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।इन प्रतियोगिताओं के जरिए ऊंटों की विशेषताओं और पशुपालकों की देखभाल को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही बकरी और बकरे की प्रतियोगिताएं भी होंगी। अजमेर और नागौर क्षेत्र की उन्नत नस्ल की बकरियों और बकरों को इसमें शामिल किया जाएगा।

नागौरी बैल की प्रतियोगिता से गोवंश को मिलेगा प्रोत्साहन

पशुपालन विभाग इस बार नागौरी बैल की प्रतियोगिता भी आयोजित करेगा। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने बताया कि गोवंश की घटती संख्या को देखते हुए यह पहल की गई है।विभाग का उद्देश्य नागौरी नस्ल के बैलों को प्रोत्साहन देना है। इससे पशुपालकों में इस नस्ल के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है। घोड़ों की प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पशुपालकों का रजिस्ट्रेशन दो दिन पहले किया जाएगा।

सरकार ने तय की पुरस्कार राशि

संयुक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार के अनुसार, पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने पुरस्कार राशि निर्धारित की है। इसके अलावा भामाशाह भी प्रतियोगिताओं में विजेता पशुपालकों को पुरस्कार देंगे।विभाग के मुताबिक, प्रतियोगिताओं को लेकर पशुपालकों में उत्साह है। पशु मेले में अलग-अलग नस्लों के पशुओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

पशु मेले में पहुंचने लगे ऊंटों के काफिले

पुष्कर पशु मेले की अनौपचारिक शुरुआत दीपावली के दूसरे दिन से होगी। पशु मेला मैदान में पशुओं की आवक शुरू हो गई है। बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर और नागौर से ऊंटों के कई काफिले पहुंच चुके हैं।विधिवत मेला 17 से 24 नवंबर तक आयोजित होगा। इस दौरान पशुओं की विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग पशुपालकों के ठहरने और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था में जुटे हैं।

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