CJP के कोच्चि प्रदर्शन पर शिवसेना का हमला, शाइना NC बोलीं- युवाओं को ड्रामा नहीं, रोजगार का विजन चाहिए
केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कोच्चि में प्रदर्शन का ऐलान किया है। शनिवार शाम 4 बजे राजेंद्र मैदान में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने CJP पर निशाना साधा है। शिवसेना की राष्ट्रीय सचिव शाइना NC ने संगठन की गतिविधियों को राजनीतिक ड्रामा बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को दिखावटी विरोध नहीं, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए ठोस विजन चाहिए।

मुख्य बातें
- CJP के कोच्चि प्रदर्शन पर शिवसेना का हमला, शाइना NC ने क्या कहा?
- अभिजीत दीपके की CJP पर शाइना NC का निशाना, रोजगार का मुद्दा उठाया
- CJP के प्रदर्शन पर सियासी बयानबाजी तेज, शिवसेना ने बताया राजनीतिक ड्रामा
MUMBAI, 7 NOV. 2026:
कोच्चि में SIR के खिलाफ प्रदर्शन करेगी CJP
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब केरल में विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। संगठन ने अपने कार्यक्रम को 'जंतर-मंतर एट कोच्चि' नाम दिया है। यह प्रदर्शन शनिवार शाम 4 बजे कोच्चि के राजेंद्र मैदान में आयोजित होना प्रस्तावित है।इसमें CJP के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके, दक्षिण क्षेत्र प्रमुख विजय मल्लांगी और राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज शामिल होंगे। संगठन ने अभियान के लिए 'लोकतंत्र बचाओ, SIR रद्द करो' का नारा दिया है।
शाइना NC ने CJP की रणनीति पर उठाए सवाल
शिवसेना की राष्ट्रीय सचिव शाइना NC ने CJP के प्रदर्शन को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि संगठन पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुका है। अब कोच्चि में भी इसी तरह की गतिविधि कर रहा है।शाइना NC के मुताबिक, युवाओं को राजनीतिक नाटक पसंद नहीं है। वे रोजगार के अवसर और आत्मनिर्भर बनने के लिए ठोस योजनाएं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि CJP को विरोध प्रदर्शन के बजाय अपना विजन और कार्ययोजना देश के सामने रखनी चाहिए।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP नेताओं पर हुई थी कार्रवाई
CJP ने इससे पहले 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। इस दौरान संस्थापक अभिजीत दीपके और सदस्य आशुतोष रांका तथा सौरव दास को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन करने का आरोप था।इसके बाद रांका और दास को 21 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर रिहा किया गया था। अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी और जमानती मुचलके भरने के निर्देश दिए थे। साथ ही जांच पूरी होने तक शांति बनाए रखने की शर्त रखी गई थी।
क्राइम ब्रांच ने भी की थी पूछताछ
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के मामले में 5 नवंबर को क्राइम ब्रांच ने आशुतोष रांका और सौरव दास से पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद रांका ने इसे सामान्य जांच प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि CJP जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करेगी।रांका ने शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का भी बचाव किया। उनका कहना था कि सार्वजनिक स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाना अपने आप में आपराधिक गतिविधि नहीं है। उन्होंने जांच निष्पक्ष तरीके से होने की उम्मीद जताई।
दिल्ली से केरल तक विरोध अभियान बढ़ाने की तैयारी
दिल्ली के बाद अब CJP ने केरल में SIR के खिलाफ अभियान आगे बढ़ाने का फैसला किया है। कोच्चि का प्रदर्शन संगठन की ओर से जनसमर्थन जुटाने की कोशिश माना जा रहा है। वहीं, शिवसेना की आलोचना के बाद इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई है।
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