‘चलो संसद’ मार्च में शामिल हुए प्रकाश राज, हाथ में संविधान लेकर लगाए ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च में अभिनेता प्रकाश राज भी शामिल हुए। जंतर-मंतर से निकले इस विरोध मार्च के दौरान उन्होंने भारतीय संविधान की प्रति हाथ में लेकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए। यह प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
जंतर-मंतर से संसद तक मार्च में शामिल हुए प्रकाश राज
रविवार से ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद अभिनेता प्रकाश राज सोमवार को भी ‘चलो संसद’ मार्च का हिस्सा बने। मार्च के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके साथ बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के समर्थक भी मौजूद रहे।
संविधान की प्रति लहराकर जताया समर्थन
प्रदर्शन के दौरान प्रकाश राज ने भारतीय संविधान की प्रति हाथ में उठाकर भीड़ के सामने लहराई। इसी दौरान प्रदर्शनकारी ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे, जिनमें उन्होंने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी भगत सिंह की तस्वीर लेकर भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो और तस्वीरें तेजी से साझा की गईं, जिन पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कई कलाकार भी पहुंचे समर्थन देने
इस आंदोलन में प्रकाश राज के अलावा शबाना आज़मी और पूनम पांडे भी जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल या धर्म का नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों का है जो परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से प्रभावित हुए हैं। वहीं कई अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तनाव
सोमवार को संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की थी। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने पर अड़े रहे। इसी बीच CJP की ओर से उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने का दावा किया गया, हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि हिरासत में लिए जाने की खबर सही नहीं है।