CJP के विरोध प्रदर्शन पर बोलीं हेमा मालिनी, कहा- ‘समाधान संवाद से निकले, टकराव से नहीं’
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शन के बीच भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने प्रदर्शन की राजनीति पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए संसद और अन्य संवैधानिक मंच मौजूद हैं तथा किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से निकाला जाना चाहिए।
‘प्रदर्शन से आखिर क्या हासिल होगा?’
संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर विरोध जताने के बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशना अधिक उचित है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि किसी को परेशान करने या विवाद की स्थिति पैदा करने से आखिर क्या हासिल होगा। उनके अनुसार, समाज और देश के हित में सकारात्मक सोच और रचनात्मक प्रयास अधिक महत्वपूर्ण हैं।
सरकार पर जताया भरोसा
हेमा मालिनी ने कहा कि इस पूरे मामले में सरकार स्थिति को संभालने और आवश्यक निर्णय लेने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि सरकार समय आने पर उचित कदम उठाएगी, इसलिए इस विषय पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने संकेत दिया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से सभी पक्षों की बात सुनी जा सकती है और उसी प्रक्रिया के तहत समाधान निकलना चाहिए।
राम मंदिर चोरी मामले पर भी दी प्रतिक्रिया
मीडिया ने जब अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले पर सवाल किया तो हेमा मालिनी ने कहा कि यदि किसी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से काम करेंगी और दोषी पाए जाने वालों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
मानसून सत्र के पहले दिन हुआ था विरोध मार्च
मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर एक विरोध मार्च निकाला गया था। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे। इस दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए संसद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी घटनाक्रम के बीच हेमा मालिनी का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने विरोध के बजाय लोकतांत्रिक संवाद पर जोर दिया।