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PoK में प्रदर्शन तेज, छात्रों की भागीदारी पर प्रशासन की चेतावनी, बढ़ा राजनीतिक तनाव

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच राजनीतिक तनाव और गहरा गया है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद की ओर मार्च का आह्वान किया है। दूसरी ओर प्रशासन ने छात्रों की भागीदारी पर चिंता जताते हुए चेतावनी जारी की है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।

छात्रों के मार्च को लेकर प्रशासन सतर्क

स्थानीय प्रशासन के प्रवक्ताओं के अनुसार, प्रतिबंधित घोषित की जा चुकी JAAC ने 14 और 15 जुलाई को छात्रों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि यदि विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी आयोजनकर्ताओं की होगी। इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

JAAC अपनी मांगों पर कायम

JAAC का कहना है कि उसकी प्रमुख मांगों पर अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करेंगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।

सरकार ने लगाए गंभीर आरोप

PoK प्रशासन ने JAAC पर महिलाओं और बच्चों को प्रदर्शन में आगे रखने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसे आरोप लगाए हैं। सरकारी प्रवक्ताओं का दावा है कि लंबे समय तक चले धरने और सड़क अवरोधों के कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई। दूसरी ओर आंदोलनकारी इन आरोपों से सहमत नहीं हैं और अपने विरोध को शांतिपूर्ण बता रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, कई दावे अपुष्ट

स्थानीय और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती, संचार सेवाओं में बाधा और अन्य प्रतिबंधों से जुड़े कई दावे सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात कही गई है, लेकिन विभिन्न वायरल दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी सीमित है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

PoK में यह आंदोलन शुरुआत में बिजली दरों, आटे पर सब्सिडी, कर व्यवस्था और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। समय के साथ इसमें राजनीतिक मांगें भी जुड़ती गईं। हाल के घटनाक्रमों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा है और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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