जयपुर में बदलेगा सार्वजनिक परिवहन का चेहरा, अगले साल तक सड़कों पर दौड़ेंगी 1000 इलेक्ट्रिक बसें
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (जेसीटीएसएल) ने शहर में इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क बढ़ाने की योजना तैयार की है। इसके तहत अगले साल जुलाई तक जयपुर की सड़कों पर करीब 1000 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। नई ई-बसों के आने से शहर के कई नए इलाकों में सार्वजनिक बस सेवा का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
डीजल बसों की जगह लेगी इलेक्ट्रिक बसें
वर्तमान में जेसीटीएसएल के बेड़े में करीब 200 डीजल बसें संचालित हो रही हैं। इनमें से कुछ बसें तय अवधि तक चलेंगी, लेकिन भविष्य में नई डीजल बसों की खरीद नहीं की जाएगी। विभाग की योजना जयपुर के सार्वजनिक परिवहन को धीरे-धीरे पूरी तरह इलेक्ट्रिक प्रणाली में बदलने की है। इससे न केवल ईंधन पर होने वाला खर्च कम होगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
आगरा रोड से दिल्ली रोड तक बढ़ेगा बस नेटवर्क
फिलहाल सीमित संख्या में बसें होने के कारण जेसीटीएसएल की सेवाएं मुख्य मार्गों तक केंद्रित हैं। ई-बसों का बेड़ा बढ़ने के बाद आगरा रोड, अजमेर रोड, जगतपुरा, दिल्ली रोड, पृथ्वीराज नगर, सीकर रोड सहित शहर के बाहरी और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों तक बस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में लोगों को सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है।
ई-बसों से प्रदूषण कम, सफर होगा ज्यादा आरामदायक
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जयपुर में वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। ये बसें डीजल वाहनों की तुलना में कम शोर करती हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण भी घटेगा। यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस और अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा। अधिकारियों का मानना है कि इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था शहर को स्वच्छ और हरित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत मिलेंगी नई बसें
ई-बसों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। योजना के पहले चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बाद 300 और बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा नई ई-बसों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया भी जारी है। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत अतिरिक्त बसें शामिल किए जाने की योजना है। इन सभी प्रयासों के बाद अगले साल तक जयपुर के ई-बस बेड़े में करीब 1000 बसें शामिल होने की उम्मीद है।
शहर को आधुनिक परिवहन व्यवस्था देने की तैयारी
जेसीटीएसएल के अनुसार जयपुर की बढ़ती आबादी और परिवहन जरूरतों को देखते हुए सार्वजनिक बस नेटवर्क का विस्तार जरूरी है। इलेक्ट्रिक बसों के आने से शहर के ज्यादा क्षेत्रों को जोड़ने में मदद मिलेगी। जेसीटीएसएल प्रबंधन का कहना है कि लक्ष्य जयपुर को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।