NEET पेपर लीक पर पहली बार बोले पीएम मोदी, कहा- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
NEET पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने प्रधानमंत्री की बैठक के बाद यह जानकारी साझा की।
‘पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय’
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली का नहीं, बल्कि पूरे देश का गंभीर विषय हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को राजनीतिक विवाद का रूप देने के बजाय परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश
प्रधानमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेपर लीक मामले में शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने संकेत दिया कि जांच एजेंसियां कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगी और किसी भी दोषी को राहत नहीं मिलेगी।
‘युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं’
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश के युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने दोहराया कि छात्रों की मेहनत और विश्वास के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे, ताकि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
सरकार ने पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था पर दिया जोर
प्रधानमंत्री के बयान के बाद केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर भी काम किया जाएगा। सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।