जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी, अभिजीत दीपके के पहुंचते ही फिर गूंजे नारे
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। सुबह हल्की बारिश के कारण गतिविधियां कुछ देर धीमी रहीं, लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों की भीड़ फिर जुटने लगी। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका के पहुंचने के बाद मंच से भाषण और नारेबाजी दोबारा शुरू हुई। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है तथा प्रदर्शन स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल और RAF की तैनाती की गई है।
बारिश थमते ही फिर जुटे प्रदर्शनकारी
मंगलवार सुबह हल्की बारिश के चलते जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी। मौसम सामान्य होने के बाद बड़ी संख्या में समर्थक दोबारा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने लगे। अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका के पहुंचने के बाद मंच से भाषण शुरू हुए और प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए। CJP का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, RAF समेत अतिरिक्त बल तैनात
प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को तैनात किया गया है तथा कई स्थानों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। नई दिल्ली, मध्य, उत्तर, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। प्रमुख सरकारी भवनों, चौराहों और प्रदर्शन स्थलों के आसपास लगातार निगरानी, वाहनों की जांच और पेट्रोलिंग की जा रही है।
अभिजीत दीपके ने घायल प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात
प्रदर्शन के दौरान मंच से संबोधित करते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को हुई घटनाओं का उल्लेख किया और कहा कि वे अपने समर्थकों, विशेषकर घायल छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सके, जिसके लिए उन्होंने खेद व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। दीपके ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने प्रभावित लोगों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने की भी अपील की।
मानवाधिकार संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
इस घटनाक्रम पर मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच की एशिया उप निदेशक मीनाक्षी गांगुली ने पुलिस कार्रवाई के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा संयम बरतने, प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल करने तथा लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का अवसर देने की अपील की। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पहले दिन की कार्रवाई के बाद बढ़ी सियासी और प्रशासनिक हलचल
सोमवार को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी, जिसमें बल प्रयोग और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर विवाद भी सामने आया। दूसरे दिन प्रदर्शन जारी रहने के बीच प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।