पाली से जयपुर का सामान्य किराया 700 रुपए, निजी बसों में 2100 रुपए तक वसूली; त्योहारी सीजन में मनमानी
राजस्थान के पाली में दीपावली के त्योहारी सीजन के दौरान निजी बस संचालकों पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के आरोप लगे हैं। पाली से जयपुर का सामान्य किराया करीब 600 से 700 रुपए बताया जा रहा है। वहीं, निजी बस एजेंट एक यात्री से 2100 रुपए तक मांग रहे हैं। रोडवेज बसों में सीटें उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों के पास निजी बसों से सफर करने का विकल्प बच रहा है। इसी मजबूरी का फायदा उठाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

मुख्य बातें
- पाली से जयपुर का किराया 700 रुपए, निजी बस एजेंट मांग रहे 2100 रुपए
- दीपावली पर निजी बसों की मनमानी, यात्रियों से तीन गुना किराया वसूली
- त्योहार पर घर जाना महंगा, पाली में बस एजेंटों की मनमानी का खुलासा
PALI, 7 NOV. 2026:
जयपुर के लिए 700 की जगह 2100 रुपए किराया
त्योहारी सीजन में घर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से निजी बसों की मांग बढ़ गई है। पाली से जयपुर जाने वाले यात्रियों से सामान्य किराए से कई गुना अधिक रकम मांगी जा रही है।एक ट्रैवल्स एजेंट से बातचीत में जयपुर के लिए एसी स्लीपर सीट का किराया 2100 रुपए बताया गया। जब सामान्य किराया 600 से 700 रुपए होने की बात कही गई तो एजेंट ने त्योहार का हवाला दिया।एजेंट ने नॉन एसी सीट के लिए भी करीब 2000 रुपए मांगे। उसने यह भी कहा कि बाद में किराया और बढ़ सकता है। बातचीत में अहमदाबाद का किराया 1100 रुपए बताया गया।
रोडवेज बसों में अगले तीन दिन तक सीटें फुल
पाली से जयपुर, अहमदाबाद, दिल्ली और उदयपुर जाने वाली रोडवेज बसों में अगले तीन दिन तक सीटें उपलब्ध नहीं हैं। जयपुर रूट पर हर दस मिनट में बस यात्रियों से भरकर रवाना हो रही है।इस मार्ग पर नियमित 22 बसें संचालित हो रही हैं। दीपावली के मद्देनजर डिपो ने चार अतिरिक्त बसें भी चलाई हैं। इनमें एसी बसें भी शामिल हैं। इसके बावजूद सभी बसें बुक बताई जा रही हैं।अहमदाबाद और दिल्ली रूट पर भी सीटें उपलब्ध नहीं हैं। उदयपुर जाने वाली चारों बसें लगभग फुल हैं। ऐसे में यात्रियों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बसों की छतों पर सामान की ढुलाई के आरोप
निजी बसों में यात्रियों के साथ व्यावसायिक सामान भी ले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि बसों की छतों पर कैरियर लगाकर सामान लोड किया जा रहा है। बसों के अंदर भी व्यावसायिक सामान की ढुलाई की जा रही है।खबर में इसे परिवहन नियमों की अनदेखी बताया गया है। ऐसे मामलों में यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निर्धारित क्षमता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिवहन विभाग की निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
निजी बस हादसों में पहले भी जा चुकी हैं जानें
पाली और आसपास के मार्गों पर निजी बसों से जुड़े हादसों में पहले भी जनहानि हुई है।
- अक्टूबर 2025: पाली-जोधपुर मार्ग पर रोहट क्षेत्र में बस दुर्घटना हुई थी। इसमें दो बच्चियों की मौत और 27 यात्री घायल हुए थे।
- सितंबर 2025: पाली-सिरोही फोरलेन पर बीकानेर से सूरत जा रही निजी बस पलट गई थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और 25 लोग घायल हुए थे।
- सितंबर 2026: पाली-सांडेराव मार्ग पर खेतलाजी से जालोर जा रही निजी बस पलट गई थी। इसमें छह यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे।
इन घटनाओं के बीच निजी बसों की सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन नियमों के पालन को लेकर चिंता जताई जा रही है।
यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाने का आरोप
जयपुर जाने वाले यात्री ललित भारद्वाज ने बताया कि त्योहार पर घर जाने की मजबूरी के कारण उन्हें 2100 रुपए किराया देना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि रोडवेज बसों में सीट नहीं मिलने से निजी बसों का विकल्प चुनना पड़ रहा है।ट्रैवल्स एजेंटों से हुई बातचीत में किराए के लिए त्योहार और रूट पर यात्रियों की मांग को आधार बताया गया। एजेंट ने यह भी कहा कि जयपुर मार्ग पर यात्रियों की संख्या अधिक होने से किराया ज्यादा है।त्योहारी सीजन में किराए की इस कथित मनमानी ने परिवहन विभाग की निगरानी और यात्रियों के हितों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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