पाली की बायो पॉलिमर फैक्ट्री में भीषण आग, 3 मजदूर झुलसे; जोधपुर रेफर
राजस्थान के पाली शहर में औद्योगिक क्षेत्र के फोर्थ फेज स्थित सारडा बायो पॉलिमरस फैक्ट्री में रविवार देर रात भीषण आग लग गई। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया। हादसे में तीन मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया। आग पर काबू पाने के लिए पाली के साथ सुमेरपुर, सोजत और जाडन से दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गईं। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
फैक्ट्री में आग लगते ही मची अफरा-तफरी
पाली शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र में स्थित सारडा बायो पॉलिमरस फैक्ट्री में रविवार देर रात अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैलने के कारण परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इसकी लपटें और धुएं का गुबार दूर से दिखाई दे रहा था।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय फैक्ट्री में मजदूर काम कर रहे थे। आग लगने के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से भी दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं।
तीन मजदूर गंभीर रूप से झुलसे, जोधपुर रेफर
इस हादसे में फैक्ट्री में काम कर रहे तीन मजदूर झुलस गए। उनकी पहचान राजेन्द्र कुमार (30), विक्की (19) और अवधेश सिंह (40) के रूप में हुई है।तीनों घायलों को तत्काल पाली के बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जोधपुर रेफर कर दिया।फिलहाल घायलों की आगे की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के साथ घायलों को उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता रही।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
आग पर काबू पाने के लिए पाली के अलावा सुमेरपुर, सोजत और जाडन से दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार, दर्जनों फेरों के बावजूद आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका।फैक्ट्री के अंदर जाने का रास्ता संकरा होने और धुआं अधिक होने के कारण राहतकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में दीवार तोड़कर अंदर जाने का रास्ता बनाया गया। इसके बाद आग बुझाने और अंदर मौजूद लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया गया।
दीवार तोड़कर शुरू किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलने पर औद्योगिक थाना प्रभारी निरमा विश्नोई और सीओ सिटी मंगलेश चूंडावत पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे।फैक्ट्री के अंदर प्रवेश करने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए दीवार तोड़ी गई। इसके बाद दमकलकर्मियों और राहत टीमों ने आग पर काबू पाने तथा अंदर फंसे संभावित लोगों की तलाश का काम शुरू किया।दमकल की गाड़ियां तड़के तक आग बुझाने के प्रयास में जुटी रहीं। पुलिस भी घटनास्थल पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा लेती रही। फैक्ट्री के भीतर अन्य मजदूरों की मौजूदगी और संभावित नुकसान के बारे में अंतिम जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बॉयलर फटने या शॉर्ट सर्किट की आशंका, कारणों की जांच
आग लगने के कारण को लेकर अलग-अलग आशंकाएं जताई गई हैं। कुछ लोगों ने बॉयलर फटने की आशंका व्यक्त की, जबकि अन्य ने शॉर्ट सर्किट को संभावित वजह बताया।हालांकि, पुलिस ने आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं की है। इसकी वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग कैसे लगी।फिलहाल राहत कार्य, घायलों के उपचार और आग से हुए नुकसान का आकलन महत्वपूर्ण है।