राजस्थान पंचायत चुनाव: जीवित व्यक्ति का वोटर लिस्ट से नाम कटा, SDM ने दिए जांच के आदेश
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के बीच पाली जिले की नेतरा ग्राम पंचायत में मतदाता सूची से एक जीवित व्यक्ति का नाम हटाए जाने का मामला सामने आया है। नेतरा निवासी पोचाराम पुत्र मानाजी मेघवाल ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष शिकायत देकर नाम दोबारा जोड़ने की मांग की है। उनका आरोप है कि करीब चार साल पहले इसी नाम के एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी। इसके बाद गलती से जीवित पोचाराम का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। मामले में एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
नेतरा ग्राम पंचायत में मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप
पाली जिले की नेतरा ग्राम पंचायत में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मामला सामने आने के बाद चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। नेतरा निवासी पोचाराम पुत्र मानाजी मेघवाल ने मंगलवार को सुमेरपुर के रिटर्निंग अधिकारी कालूराम कुम्हार को प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने मतदाता सूची में अपना नाम दोबारा शामिल करने की मांग की है।आवेदन की एक प्रति जिला कलेक्टर, पाली को भी भेजी गई है। पोचाराम के अनुसार, वह नेतरा ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 1 के निवासी हैं। मतदाता सूची में उनका नाम पहले क्रमांक 191 पर दर्ज था। अब नाम हटाए जाने के कारण उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित होने की आशंका है।
चार साल पहले हुई थी इसी नाम के व्यक्ति की मौत
पोचाराम का आरोप है कि करीब चार साल पहले इसी नाम के एक अन्य व्यक्ति की मृत्यु हुई थी। उनका कहना है कि मतदाता सूची से मृत व्यक्ति का नाम हटाने के बजाय गलती से उनका नाम काट दिया गया।उन्होंने दावा किया कि उन्होंने स्वयं न तो नाम हटाने के लिए आवेदन किया और न ही किसी दूसरी जगह स्थानांतरण कराया। इसके बावजूद मतदाता सूची में उनका नाम नहीं मिल रहा है। अब शिकायत के जरिए उन्होंने प्रशासन से रिकॉर्ड की जांच कर गलती सुधारने की मांग की है।
वार्ड पंच का चुनाव लड़ने की भी कर चुके हैं तैयारी
पोचाराम के अनुसार, उन्होंने वार्ड नंबर 5 से वार्ड पंच का चुनाव लड़ने के लिए 9 अक्टूबर को अनापत्ति प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए थे। ऐसे में मतदाता सूची से नाम हटने का मामला उनके लिए महत्वपूर्ण हो गया है।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मतदाता सूची में दर्ज पुराने रिकॉर्ड और नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। यदि नाम हटाने में गलती हुई है, तो उसे नियमानुसार सुधारने की जरूरत होगी। हालांकि, चुनाव लड़ने की पात्रता और नाम दोबारा जोड़ने की स्थिति संबंधित निर्वाचन नियमों तथा जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
SDM ने दिए जांच के आदेश
मामले की शिकायत मिलने के बाद एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। अब संबंधित अधिकारियों की ओर से मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के कारणों और उपलब्ध रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी।जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि नाम किस आधार पर हटाया गया और क्या यह किसी अन्य व्यक्ति के रिकॉर्ड से हुई गलती का परिणाम है। फिलहाल, मामले में जांच पूरी होने और प्रशासनिक निर्णय आने का इंतजार है।
मतदाता सूची की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
पंचायतीराज चुनाव के दौरान मतदाता सूची में नाम होना मतदान और चुनाव लड़ने की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। नेतरा ग्राम पंचायत का यह मामला मतदाता रिकॉर्ड की शुद्धता से जुड़ा है।पोचाराम ने नाम दोबारा जोड़ने की मांग की है, जबकि प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट और निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई से स्पष्ट होगा कि नाम हटाने में गलती हुई थी या नहीं और इसे सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।