#देश दुनिया

‘दवाइयों के साथ ड्रोन भेजे गए’, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का भारत पर नया आरोप, नहीं पेश किया कोई सबूत

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत पर बिना कोई सार्वजनिक सबूत पेश किए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत ने मानवीय सहायता के तौर पर अफगानिस्तान भेजी गई दवाओं की खेप के साथ ड्रोन भी भेजे, जिनका इस्तेमाल बाद में पाकिस्तान में हमलों के लिए किया गया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई प्रमाण नहीं दिया।

ख्वाजा आसिफ ने भारत पर लगाया नया आरोप

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी कार्यक्रम में दावा किया कि भारत मानवीय सहायता के नाम पर अफगानिस्तान को हथियार और ड्रोन उपलब्ध करा सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत ने दवाइयों की खेप के साथ ड्रोन भेजे, तो उन्होंने कहा कि ऐसा “संभव है” और उन्हें इस पर संदेह नहीं है। हालांकि उन्होंने अपने आरोप के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज, खुफिया जानकारी या अन्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए।

दवाइयों की खेप और ड्रोन हमलों को जोड़ने की कोशिश

भारत ने हाल ही में मानवीय सहायता के तहत अफगानिस्तान को दवाइयों की एक खेप भेजी थी। इसके कुछ समय बाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान क्षेत्रों में ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं। पाकिस्तान के कुछ राजनीतिक और मीडिया वर्गों ने इन दोनों घटनाओं को आपस में जोड़ते हुए भारत पर आरोप लगाए, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

सीमा पर बढ़ा है पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव

हाल के महीनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा है। दोनों देशों के बीच कई बार गोलीबारी और सुरक्षा अभियानों की खबरें सामने आई हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि उसकी सीमा के पार मौजूद उग्रवादी समूह उसके सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं, जबकि अफगान पक्ष भी सीमा पार कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की आलोचना करता रहा है। इसी तनावपूर्ण माहौल में ड्रोन हमलों और जवाबी आरोपों का दौर भी तेज हुआ है।

भारत पर पहले भी लगते रहे हैं ऐसे आरोप

पाकिस्तान अतीत में भी कई बार भारत पर आरोप लगाता रहा है कि वह पाकिस्तान विरोधी समूहों को समर्थन देता है। भारत इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है और उन्हें निराधार बताता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऐसे आरोपों के लिए ठोस और सत्यापित साक्ष्यों की आवश्यकता मानी जाती है।

विशेषज्ञों की राय- दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी

सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि सीमा पार सुरक्षा और आतंकवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर लगाए गए आरोपों का मूल्यांकन सत्यापित तथ्यों और स्वतंत्र जांच के आधार पर होना चाहिए। बिना पुष्ट प्रमाण के लगाए गए दावे क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं तथा दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को गहरा कर सकते हैं।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *