इस्तीफा देने वालों को कांग्रेस नहीं देगी टिकट! पंचायत-निकाय चुनाव से पहले बड़ा फैसला
कोटा। राजस्थान में आगामी पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने संगठन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में कोटा में कांग्रेस शहर और देहात इकाइयों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें चुनावी रणनीति और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। बैठक में पार्टी ने अनुशासन को लेकर भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव में संगठन के प्रति निष्ठा रखने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, पार्टी छोड़ने या पद से इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया गया है।
चुनावी तैयारियों को लेकर कांग्रेस की अहम बैठक
कोटा में आयोजित कांग्रेस की संयुक्त बैठक में शहर और देहात संगठन से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। देहात कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने वाले कार्यकर्ताओं की भूमिका तय कर दी गई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी सक्रियता के साथ चुनावी मैदान में उतरने का आह्वान किया। सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी, लेकिन न्यायालय के निर्देशों के बाद सरकार को चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ानी पड़ रही है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि आगामी चुनाव में पार्टी मजबूती के साथ प्रदर्शन करेगी।
इस्तीफा देने वालों को टिकट नहीं देने का ऐलान
बैठक में कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने पार्टी अनुशासन को लेकर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जिन पदाधिकारियों या कार्यकर्ताओं को पार्टी बदलनी है, वे चुनाव से पहले ही अपना निर्णय स्पष्ट कर लें। उन्होंने संकेत दिया कि चुनाव के दौरान या उसके बाद पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर शहर जिला कांग्रेस कार्यकारिणी में इस्तीफा दे चुके पदाधिकारियों को आगामी चुनाव में टिकट नहीं देने की बात कही गई। पार्टी नेतृत्व का यह फैसला चुनाव से पहले संगठन में अनुशासन और निष्ठा बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस ने जीत का किया दावा
कांग्रेस नेताओं ने आगामी निकाय चुनाव में पार्टी की जीत का दावा किया है। बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा जनता के बीच सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश सरकार की नीतियों और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच पार्टी अपनी बात मजबूती से रखेगी। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय बनाकर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की अपील की। हालांकि चुनाव परिणाम को लेकर अंतिम तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन दोनों प्रमुख दलों ने अभी से अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है।
भाजपा भी चुनावी मैदान के लिए तैयार
दूसरी ओर भाजपा ने भी आगामी पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी अपने मजबूत संगठन, कार्यकर्ताओं के नेटवर्क और सरकार की योजनाओं को चुनावी मुद्दों के रूप में जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। कोटा शहर और देहात में भाजपा नेताओं ने भी चुनावी समीकरणों पर काम शुरू कर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। फिलहाल कांग्रेस के टिकट को लेकर दिए गए इस बयान ने स्थानीय राजनीति में चुनावी चर्चा को और गर्म कर दिया है।