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महाराजपुर में अंबेडकर प्रतिमा स्थल को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग, ग्रामीणों का प्रदर्शन

अलवर। जिले के महाराजपुर गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने और भूमि आवंटित करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मालाखेड़ा तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार दीपा यादव को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रतिमा स्थल से जुड़ी भूमि को आबादी भूमि में दर्ज करने और प्रतिमा हटाने की किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन जल्द जिला कलेक्टर को भेजा जाएगा और प्रतिमा स्थल की सुरक्षा के लिए पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

खसरा नंबर 863 की भूमि को लेकर मांग

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि महाराजपुर गांव में खसरा नंबर 863 की भूमि, जिसे राजस्व रिकॉर्ड में गैर मुमकिन पहाड़ और शिवाचक बिला लगानी के रूप में बताया गया है, पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रतिमा स्थल से संबंधित भूमि को आबादी भूमि में परिवर्तित कर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि प्रतिमा स्थल को नियमित दर्जा मिलने से भविष्य में किसी तरह का विवाद या कार्रवाई की आशंका कम होगी। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अपील की।

प्रतिमा हटाने की कार्रवाई रोकने की मांग

ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रतिमा स्थल पर किसी भी तरह की कार्रवाई या प्रतिमा हटाने पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि प्रतिमा स्थल से जुड़ा मामला संवेदनशील है और प्रशासन को स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग रखी कि जब तक भूमि से संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक प्रतिमा स्थल की स्थिति में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाए। प्रशासन से मामले में स्पष्ट और स्थायी समाधान निकालने की मांग भी की गई।

पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने तीन दिन पहले पुलिस प्रशासन की ओर से की गई कथित कार्रवाई और धमकाने की घटना को लेकर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए तहसील कार्यालय परिसर में नारेबाजी की। उनका आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई से ग्रामीणों में असंतोष पैदा हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता से जांच कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनने देने की मांग की। हालांकि, पुलिस की ओर से कार्रवाई को लेकर अलग से विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

मांग पूरी नहीं हुई तो उच्च स्तर पर शिकायत की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में उनका प्रस्ताव जिला कलेक्टर तक नहीं भेजा गया तो वे मामले को उच्च स्तर पर उठाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार के गृह मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ शिकायत की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य प्रतिमा स्थल को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराना और भविष्य के विवाद की आशंका को समाप्त करना है। उन्होंने प्रशासन से मांग पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की।

बड़ी संख्या में महिला-पुरुष रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान बौद्ध भिक्षु महंत गोवर्धन भंते गुढ़ानंद, एडवोकेट भारत चौधरी, महिला नेत्री रुक्मणी देवी, वीर सिंह, बाबूलाल मास्टर, सीताराम और मुकेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शन में महिलाओं की भी भागीदारी रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतिमा स्थल की सुरक्षा और भूमि का स्थायी समाधान उनके लिए प्रमुख मुद्दा है।

तहसीलदार ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

तहसीलदार दीपा यादव ने ग्रामीणों से ज्ञापन प्राप्त करते हुए कहा कि उनकी मांग को जिला कलेक्टर तक भेजने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रतिमा स्थल की सुरक्षा के लिए पुलिस को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि मामले में जल्द सकारात्मक कार्रवाई होगी। अब पूरे मामले में राजस्व विभाग की रिपोर्ट और जिला प्रशासन के स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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Stv News Rajasthan

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