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पैरों में सूजन सिर्फ थकान नहीं, हो सकती है गंभीर बीमारी का संकेत

पैरों, टखनों या पंजों में सूजन को अक्सर लोग सामान्य थकान या लंबे समय तक खड़े रहने का असर मान लेते हैं, लेकिन कई मामलों में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। NHS और Mayo Clinic के अनुसार शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने से यह स्थिति बनती है, जिसे एडिमा (Edema) कहा जाता है। यह समस्या कभी-कभी दिल, किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारियों की ओर इशारा कर सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पैरों में सूजन के सामान्य कारण

पैरों में सूजन कई सामान्य कारणों से भी हो सकती है। लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने, यात्रा करने या ऑफिस में लगातार काम करने से पैरों में तरल पदार्थ जमा हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में तरल पदार्थ बढ़ने से भी सूजन देखी जाती है। ज्यादा नमक का सेवन शरीर में पानी रोक सकता है, जिससे सूजन बढ़ती है। इसके अलावा कुछ दवाएं जैसे ब्लड प्रेशर की दवाएं, हार्मोन थेरेपी और स्टेरॉयड भी इस समस्या का कारण बन सकती हैं। ये कारण आमतौर पर अस्थायी होते हैं और जीवनशैली में बदलाव से ठीक हो सकते हैं।

कब हो सकती है गंभीर बीमारी का संकेत?

कुछ मामलों में पैरों की सूजन गंभीर बीमारियों की ओर इशारा कर सकती है। दिल की कमजोरी यानी हार्ट फेल्योर में दिल शरीर में खून को ठीक से पंप नहीं कर पाता, जिससे तरल पदार्थ पैरों में जमा हो जाता है। इसी तरह किडनी की खराबी में शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर नहीं निकल पाता। लिवर सिरोसिस जैसी स्थितियों में भी पैरों और पेट में सूजन आ सकती है। नसों की समस्या भी पैरों में रक्त प्रवाह को बाधित कर सूजन का कारण बन सकती है।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

अगर पैरों में सूजन अचानक शुरू हो जाए, सिर्फ एक पैर में सूजन हो, या इसके साथ दर्द, लालिमा या गर्माहट महसूस हो तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या लगातार बढ़ती सूजन जैसी स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। ये लक्षण ब्लड क्लॉट, हार्ट फेल्योर या अन्य गंभीर बीमारियों से जुड़े हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

सूजन कम करने के आसान उपाय

हल्की सूजन में पैरों को दिल के स्तर से ऊपर रखकर आराम करना मददगार हो सकता है। नियमित चलना-फिरना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहना जरूरी है। नमक का सेवन कम करने और पर्याप्त पानी पीने से भी राहत मिल सकती है। डॉक्टर की सलाह पर कंप्रेशन स्टॉकिंग्स का उपयोग भी सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।

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