ऑपरेशन त्रिनेत्र की बड़ी सफलता: ड्रग तस्कर की ढाई करोड़ की संपत्ति फ्रीज, पुलिस का शिकंजा कसता गया
प्रतापगढ़ जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित ड्रग तस्कर की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन को जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों में निवेश किया था। सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद अब इन संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है।
तस्करी से जुड़ी संपत्तियों पर पुलिस का बड़ा प्रहार
प्रतापगढ़ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए हथुनिया थाना क्षेत्र के असावता निवासी शोयब मंसूरी की चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों पर प्रभावी रोक लगाना है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर नशीले पदार्थों के कारोबार से भारी आर्थिक लाभ अर्जित कर उसे विभिन्न संपत्तियों में लगाया था। पुलिस ने सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड एकत्र कर सक्षम प्राधिकारी को भेजा, जहां से कार्रवाई को मंजूरी मिल गई।
नाकाबंदी में पकड़े गए मादक पदार्थ से खुली कड़ी
पूरे मामले की शुरुआत अक्टूबर 2024 में हुई, जब पुलिस ने एक नाकाबंदी के दौरान एक कार से बड़ी मात्रा में एमडीएमए बरामद किया था। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस को मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच आगे बढ़ने पर शोयब मंसूरी का नाम सामने आया। पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर उसकी भूमिका की पुष्टि की और बाद में उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद उसके आर्थिक लेन-देन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की गई।
वित्तीय जांच में सामने आई करोड़ों की संपत्ति
पुलिस की जांच में यह सामने आया कि आरोपी और उसके परिवार के नाम पर कई मूल्यवान संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें गांव में बना आलीशान मकान और कृषि भूमि शामिल हैं। जांच एजेंसियों ने संपत्तियों के अधिग्रहण के स्रोतों का विश्लेषण किया और पाया कि उनकी खरीद में इस्तेमाल धन का संबंध कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित आय से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार संबंधित संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य लगभग ढाई करोड़ रुपये आंका गया है, जिन्हें अब फ्रीज करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फ्रीजिंग नोटिस जारी, विभागों को भेजी सूचना
सक्षम प्राधिकारी से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ फ्रीजिंग नोटिस जारी कर दिया। संबंधित संपत्तियों पर फ्रीजिंग बोर्ड लगाए गए हैं और राजस्व सहित अन्य विभागों को भी इसकी सूचना भेजी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद आरोपी या उसके परिजन इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त या हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे। पुलिस का मानना है कि अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने में प्रभावी साबित होगी।
तस्करों और सहयोगियों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। केवल तस्करों ही नहीं, बल्कि ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस अवैध कारोबार को संरक्षण देते हैं। पुलिस अब अन्य संदिग्ध मामलों की भी जांच कर रही है और तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ जब्ती और फ्रीजिंग की कार्रवाई आगे भी जारी रखने की तैयारी कर रही है।