बंगाल में NIA का बड़ा एक्शन: भांगड़ बम विस्फोट मामले में TMC का पूर्व विधायक शौकत मोल्ला गिरफ्तार, सबूत मिटाने का भी आरोप
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए के मुताबिक, शौकत मोल्ला को दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में हुए भीषण बम विस्फोट मामले का मुख्य साजिशकर्ता और सूत्रधार पाया गया है। वह काफी समय से फरार चल रहा था, जिसे केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक व्यापक तलाशी अभियान के बाद दबोच लिया। यह विस्फोट इसी साल 19 मार्च को अवैध रूप से देसी बम बनाने के दौरान हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी।
देसी बम बनाने का निर्देश देने वाला मुख्य सूत्रधार था पूर्व विधायक
कैनिंग पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला पर केंद्रीय एजेंसी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। एनआईए (NIA) की तफ्तीश में यह बात पुख्ता हुई है कि शौकत मोल्ला ही वह शख्स था, जिसने अन्य सह-आरोपियों को बड़े पैमाने पर देसी बम तैयार करने का सीधा निर्देश दिया था। 19 मार्च को जब आरोपी बम बना रहे थे, तभी अचानक हुए जोरदार धमाके में बम बनाने वाले एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इस पूरे मामले में शौकत मोल्ला चौथी गिरफ्तारी है।
धमाके के बाद सबूतों से छेड़छाड़ और घायलों को छिपाने का आरोप
एनआईए की जांच में पूर्व विधायक के काले कारनामों की कई अन्य कड़ियां भी उजागर हुई हैं। जांच एजेंसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, विस्फोट होने के तुरंत बाद शौकत मोल्ला ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अन्य आरोपियों को घटनास्थल से तमाम वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्यों (सबूतों) को मिटाने और उनसे छेड़छाड़ करने का हुक्म दिया था। इतना ही नहीं, उसने मामले को दबाने के लिए एक सुनियोजित प्रयास किया था, ताकि कानून के हाथ उन तक न पहुंच सकें। हालांकि, कड़ाई से की गई जांच ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
स्कॉर्पियो गाड़ी की बरामदगी और एक अन्य संदिग्ध की गिरफ्तारी से खुला राज
शौकत मोल्ला तक पहुंचने में एनआईए को एक बड़ी कामयाबी तब मिली, जब टीम ने विस्फोट के बाद घायलों और मृतक को ठिकाने लगाने वाले एक अन्य संदिग्ध को गिरफ्तार किया। यह संदिग्ध धमाके के फौरन बाद अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में मृतक के शव और घायल हुए अपराधियों को छुपाने के लिए घटनास्थल से ले गया था। उस संदिग्ध से मिली खुफिया जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही एनआईए की टीम पूर्व विधायक शौकत मोल्ला के ठिकाने तक पहुंचने में कामयाब रही और उसे दक्षिण 24 परगना से गिरफ्तार कर लिया गया।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA को सौंपी गई थी जांच, पूछताछ जारी
इस मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद इस केस की कमान राज्य पुलिस से लेकर एनआईए को सौंपी गई थी। एनआईए अब गिरफ्तार किए गए पूर्व विधायक और उसके अन्य साथियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है। एजेंसी का मुख्य फोकस अब इस बात पर है कि इन बमों को बनाने के पीछे का असली मकसद क्या था और क्या इस साजिश के तार किसी बड़े राजनीतिक या आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, ताकि आने वाले समय में ऐसे किसी और बड़े खतरे को टाला जा सके।