नोएडा की लापरवाही ने छीना मां का इकलौता सहारा, करंट और खुले नाले की चपेट में युवक की मौत
उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक दर्दनाक हादसे ने फर्रुखाबाद के एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। नौकरी के लिए घर से निकला युवक कथित तौर पर करंट प्रवाहित बिजली के पोल और खुले नाले की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पिता का साया पहले ही उठ चुका था, अब इकलौते बेटे की मौत के बाद मां पूरी तरह अकेली रह गई है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बीमार होने की सूचना मिली, अस्पताल पहुंचने पर मिला मौत का समाचार
परिजनों के अनुसार उन्हें सबसे पहले फोन पर बताया गया कि आर्यन की तबीयत खराब हो गई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार तुरंत फर्रुखाबाद से नोएडा के लिए रवाना हुआ, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि आर्यन की मौत हो चुकी है। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में उन्हें शव तक नहीं दिखाया गया। बाद में पुलिस से संपर्क करने पर अधिकारियों ने सहयोग किया और घटनास्थल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराए, जिससे हादसे की परिस्थितियों की जानकारी सामने आई।
CCTV फुटेज में सामने आया हादसे का घटनाक्रम
परिवार के सदस्यों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर दिखा कि हादसे वाली जगह पर बिजली के पोल में करंट था और उसके पास खुला नाला मौजूद था। इसी दौरान आर्यन उसकी चपेट में आ गया। उसे बचाने की कोशिश करने वाला एक अन्य व्यक्ति भी करंट लगने से पीछे हट गया। इस घटना के बाद परिजन सवाल उठा रहे हैं कि यदि सार्वजनिक स्थान पर बिजली व्यवस्था में ऐसी खामी थी तो समय रहते उसे ठीक क्यों नहीं किया गया।
संघर्षों से भरी जिंदगी, मां की उम्मीदों का था सहारा
आर्यन फर्रुखाबाद के कायमगंज क्षेत्र के एक साधारण परिवार से था। उसने पॉलीटेक्निक के बाद बीटेक की पढ़ाई पूरी की और बेहतर रोजगार की तलाश में करीब ढाई वर्ष पहले नोएडा चला गया। परिवार के अनुसार वह एक निजी कंपनी में कार्यरत था और घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लगातार मेहनत कर रहा था। उसके पिता का कुछ वर्ष पहले कैंसर से निधन हो चुका था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी मां और आर्यन के कंधों पर आ गई थी। ऐसे में वह परिवार का इकलौता सहारा बन गया था।
हादसे के बाद उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
युवक का शव घर पहुंचने के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और हर किसी की आंखें नम थीं। परिजनों का कहना है कि यदि संबंधित एजेंसियां समय पर सुरक्षा संबंधी खामियों को दूर करतीं तो शायद यह हादसा टल सकता था। फिलहाल घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच जारी है और हादसे के कारणों तथा जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।