मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: गाजा पर इजराइली हमला, ईरान में धमाकों की गूंज; कई मोर्चों पर बढ़ी हलचल
मध्य पूर्व में सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। गाजा में इजराइली हवाई हमले में बच्चों समेत कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि ईरान के पश्चिमी हिस्से में धमाकों की सूचना ने हालात को और गंभीर बना दिया है। वहीं यमन, लेबनान और खाड़ी क्षेत्र से भी सुरक्षा से जुड़ी नई घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहरा गई है।
गाजा में हवाई हमले के बाद मची तबाही
गाजा शहर के सबरा इलाके में एक रिहायशी मकान पर हुए इजराइली हवाई हमले के बाद बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली। स्थानीय अस्पताल और राहत एजेंसियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। हमले के बाद बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि कई लोग अभी भी लापता हो सकते हैं, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। गाजा में लगातार जारी सैन्य कार्रवाई के बीच मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है।
ईरान के अब्दानन में धमाकों से बढ़ी चिंता
गाजा में हुए हमले के कुछ समय बाद ईरान के पश्चिमी इलाम प्रांत के अब्दानन शहर से भी कई धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर सामने आई। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, दिनार कुह क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां विस्फोट के कारणों और जिम्मेदार पक्ष की पहचान करने में जुटी हैं। अभी तक इस घटना को लेकर किसी पक्ष की आधिकारिक जिम्मेदारी सामने नहीं आई है।
यमन, लेबनान और खाड़ी क्षेत्र में भी बढ़ी सैन्य गतिविधियां
क्षेत्रीय तनाव केवल गाजा और ईरान तक सीमित नहीं है। यमन में हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है, जिसके बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। वहीं लेबनान की सेना दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
बाजार और वैश्विक सुरक्षा पर भी दिखने लगा असर
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी दर्ज की गई, लेकिन सैन्य गतिविधियों के चलते बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल पाते हैं या तनाव और बढ़ता है।