मालाखेड़ा ADJ कोर्ट विवाद: वकीलों का आंदोलन तेज, सरकार पर सवाल
ADJ कोर्ट शुरू न होने से बढ़ा विवाद
अलवर जिले के मालाखेड़ा में स्वीकृत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ कोर्ट) को शुरू करने की मांग को लेकर अभिभाषक संघ का आंदोलन तेज हो गया है। वकीलों का कहना है कि कोर्ट की स्वीकृति के बावजूद अब तक इसे चालू नहीं किया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को न्याय के लिए लगभग 35 किलोमीटर दूर अलवर जाना पड़ रहा है। इस देरी से आम वादकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
2023 बजट घोषणा का हवाला
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मालाखेड़ा में ADJ कोर्ट की घोषणा कांग्रेस सरकार के दौरान फरवरी 2023 के बजट में की गई थी। बजट दस्तावेज के अनुसार, पृष्ठ 96 पर स्पष्ट रूप से इस कोर्ट की स्थापना का उल्लेख है। इसके साथ ही 2 करोड़ रुपये की भवन निर्माण राशि की प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी हो चुकी है। जूली ने आरोप लगाया कि दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी सरकार ने कोर्ट को शुरू नहीं किया है।
वकीलों का अनिश्चितकालीन धरना
अभिभाषक संघ मालाखेड़ा ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और जोरदार नारेबाजी की। संघ के सदस्यों ने 24 जून से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। वकीलों का कहना है कि जब तक ADJ कोर्ट, ACJM कोर्ट की स्थापना और अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। इससे न्यायिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है।
ACJM कोर्ट और चैंबर निर्माण की मांग
वकीलों ने केवल ADJ कोर्ट ही नहीं, बल्कि ACJM कोर्ट खोलने और अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि पर्याप्त न्यायिक ढांचा न होने के कारण स्थानीय स्तर पर केसों का बोझ बढ़ रहा है और लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। संघ ने सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि क्षेत्रीय न्याय व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।