संगरिया के चर्चित संदीप सिंह हत्याकांड में बड़ा फैसला, पूर्व सरपंच समेत 3 दोषियों को उम्रकैद
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया क्षेत्र में चर्चित संदीप सिंह हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व सरपंच जसकरण सिंह सहित तीन आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। करीब ढाई साल पुराने इस मामले में अदालत ने 37 गवाहों और 193 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।
पूर्व सरपंच समेत तीन दोषियों को उम्रकैद
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद आसिफ अंसारी की अदालत ने जंडवाला सिखान के पूर्व सरपंच जसकरण सिंह, जितेंद्र सिंह उर्फ काका और हिम्मत सिंह को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ प्रत्येक पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने आदेश दिया कि वसूली गई राशि में से 4 लाख रुपये मृतक संदीप सिंह के कानूनी वारिसों को प्रतिकर (मुआवजा) के रूप में दिए जाएंगे।
37 गवाह और 193 दस्तावेज बने फैसले की मजबूत कड़ी
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 37 गवाहों के बयान पेश किए। इसके अलावा 193 दस्तावेजी साक्ष्य और 12 भौतिक साक्ष्यों (आर्टिकल्स) को रिकॉर्ड पर रखा गया। राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक कैलाश कुमार सिबल ने पैरवी की, जबकि परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता पूर्ण सिंह जटाना और देवेंद्र सिंह तंवर ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी माना।
दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में मिली राहत
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पाया कि नामजद आरोपी जगदीप सिंह और गुरशोक सिंह के खिलाफ पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर दोनों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य आवश्यक होते हैं।
जानिए क्या था पूरा मामला
यह मामला 8 फरवरी 2024 का है। आरोप के अनुसार जंडवाला सिखान निवासी संदीप सिंह और उसके साथी सोमा सिंह पर आरोपियों ने जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल संदीप सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि सोमा सिंह घायल हो गया। अगले दिन मृतक के भाई कुलदीप सिंह ने संगरिया थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस जांच और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया।
फैसले के बाद सुरक्षा के बीच जेल भेजे गए दोषी
फैसला सुनाए जाने के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। निर्णय के बाद थाना प्रभारी अमर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने तीनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच हनुमानगढ़ जिला जेल भेज दिया। कोर्ट परिसर के बाहर आरोपियों के परिजन और समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अदालत के इस फैसले को लंबे समय से चल रहे चर्चित मामले में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।