बालोतरा जहरकांड में बड़ा फैसला: बहू और उसके साथी को उम्रकैद, 6 साल पुराने केस का हुआ पटाक्षेप
राजस्थान के बालोतरा में वर्ष 2020 के बहुचर्चित जहरकांड मामले में सेशन न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने अभियुक्ता रुक्साना और उसके सह-अभियुक्त शाहरुख खान को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। करीब छह साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को मामले का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
हत्या और साजिश के मामले में दोषी करार
सेशन न्यायाधीश एम.आर. सुधर (आरजेएस) ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 और धारा 120-बी के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास के साथ 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि का नियमानुसार समायोजन किया जाएगा।
चाय में नींद की गोलियां मिलाकर दिया गया था जहर
अभियोजन के अनुसार 28 जून 2020 की रात परिवार के सदस्यों को चाय में कथित रूप से नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गई थीं। इस घटना में हसीना बानो की मौत हो गई थी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियोजन ने अदालत में दावा किया कि रुक्साना और शाहरुख खान ने मिलकर इस पूरी वारदात की साजिश रची थी।
हत्या के प्रयास के आरोप से मिली राहत
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप पर्याप्त साक्ष्यों से सिद्ध होते हैं। हालांकि भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 (हत्या के प्रयास) के तहत लगाए गए आरोप पर्याप्त रूप से प्रमाणित नहीं हो सके। इसी आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को इस धारा से बरी कर दिया, जबकि हत्या और साजिश के मामले में दोषसिद्धि बरकरार रखी।
छह साल पुराने चर्चित मामले का हुआ न्यायिक निष्कर्ष
इस मामले में परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता उमरदीन मेहर ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक नेमाराम चौधरी ने पक्ष रखा। लंबे समय तक चली सुनवाई, गवाहों की गवाही और दस्तावेजी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। इस निर्णय के साथ बालोतरा के चर्चित जहरकांड मामले का न्यायिक निष्कर्ष सामने आ गया है।