CJP Protest: जावेद अख्तर ने PM मोदी को लिखा पत्र, शबाना आज़मी बोलीं- जवाब नहीं मिला तो हम प्रदर्शन में पहुंचे
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान अभिनेत्री शबाना आज़मी ने खुलासा किया कि उनके पति और गीतकार जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदर्शनकारियों से संवाद शुरू करने की अपील करते हुए पत्र लिखा था। शबाना का दावा है कि पत्र की प्राप्ति की पुष्टि तो हुई, लेकिन कई दिनों तक कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया।
जंतर-मंतर पहुंचीं शबाना आज़मी, छात्रों और प्रदर्शनकारियों का किया समर्थन
संसद मार्च के दौरान वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आज़मी जंतर-मंतर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों के साथ पैदल मार्च में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि वे छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आई हैं तथा उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और आंदोलन पूरी तरह अहिंसक होना चाहिए।
‘जावेद साहब ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था’
शबाना आज़मी ने बताया कि उनके पति जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए दो दिन में जवाब देने की बात कही गई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शबाना के अनुसार, इसी वजह से उन्होंने स्वयं प्रदर्शन स्थल पर जाकर अपनी बात रखने का फैसला किया।
‘सरकार कम से कम संवाद तो शुरू करे’
पूर्व राज्यसभा सदस्य रह चुकी शबाना आज़मी ने कहा कि उनकी मुख्य मांग सिर्फ इतनी है कि सरकार आंदोलनकारियों की बात सुने और बातचीत की शुरुआत करे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद सबसे प्रभावी रास्ता होता है और किसी भी विवाद का समाधान बातचीत से निकाला जा सकता है। उन्होंने आग्रह किया कि सरकार प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को गंभीरता से सुने।
मीडिया से की मुद्दे पर फोकस रखने की अपील
शबाना आज़मी ने मीडिया से भी अपील की कि आंदोलन को सेलिब्रिटी उपस्थिति के नजरिए से न देखा जाए। उन्होंने कहा कि यह सवाल पूछना कि कौन-सा अभिनेता या अभिनेत्री प्रदर्शन में शामिल हुआ और कौन नहीं, असली मुद्दे से ध्यान भटका देता है। उनके मुताबिक, चर्चा आंदोलन की मांगों और उससे जुड़े मुद्दों पर होनी चाहिए, न कि केवल प्रसिद्ध हस्तियों की मौजूदगी पर।
‘बेवजह विवाद पैदा करने से बचें’
शबाना ने कहा कि जब आंदोलन के मूल मुद्दों के बजाय सिर्फ फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी पर चर्चा होती है, तो इससे अनावश्यक विवाद पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग अपनी-अपनी तरह से समर्थन देते हैं और ऐसे समय में आंदोलन के उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित करना अधिक जरूरी है।
संसद मार्च में कई लोग हुए शामिल
CJP के ‘संसद चलो’ मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। आंदोलन के दौरान विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं और प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई।