जन्माष्टमी पर कान्हा को चढ़ा रहे पैकेट वाला भोग? Expiry Date के पास ये निशान जरूर देखें
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने के लिए अगर आप बाजार से पैकेटबंद माखन, मिश्री, मेवे, पंजीरी, मिठाई या दूसरी खाद्य सामग्री खरीद रहे हैं, तो सिर्फ ब्रांड और कीमत देखकर सामान न लें। पैकेट की Manufacturing Date, Best Before, Expiry Date, Seal, Batch Number और FSSAI Licence Number जरूर जांचें। महाराष्ट्र के नवी मुंबई में खाद्य उत्पादों की तारीख बदलने के आरोप में कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद पैकेटबंद खाद्य सामग्री को लेकर सावधानी और भी जरूरी हो गई है। आखिर बदली हुई तारीख की पहचान कैसे करें और भोग के लिए सामान खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? आइए जानते हैं।
भोग में स्वाद के साथ शुद्धता भी जरूरी
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने की परंपरा में भोजन की शुद्धता और स्वच्छता का विशेष महत्व माना जाता है। भोग लगाने के बाद यही भोजन प्रसाद के रूप में परिवार, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य श्रद्धालुओं को दिया जाता है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को नजरअंदाज करना सही नहीं है। बाजार से पैक्ड सामान खरीदते समय कई लोग पैकेट का डिजाइन, ब्रांड और कीमत तो देखते हैं, लेकिन तारीख और पैकेजिंग की बारीकी जांच नहीं करते। खासतौर पर दूध से बने उत्पाद, मिठाइयां, मावा, मक्खन और दूसरी जल्दी खराब होने वाली चीजों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
नवी मुंबई में सामने आया तारीख बदलने का मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र FDA ने नवी मुंबई के तुर्भे इलाके में एक गोदाम पर कार्रवाई की थी। यहां बड़ी मात्रा में खाद्य और पेय पदार्थों का स्टॉक मिला। आरोप है कि कुछ उत्पादों पर पुरानी तारीख को हटाकर नई तारीख प्रिंट की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान करीब 5,000 कार्टन का स्टॉक मिलने की बात सामने आई। कुछ पैकेटों पर नई जानकारी चिपकाए जाने के आरोप भी लगाए गए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि बदली हुई तारीख वाले उत्पाद भारतीय बाजार में बिके थे। इसी तरह किसी विशेष ब्रांड को इस मामले में दोषी ठहराना भी उचित नहीं है। मामला फिलहाल उपभोक्ता सावधानी का एक उदाहरण है।
1. Expiry Date के आसपास खरोंच या मिटाने के निशान देखें
पैकेट खरीदते समय सबसे पहले Manufacturing Date, Best Before या Expiry Date देखें। तारीख के आसपास खरोंच, धब्बे, मिटाई हुई स्याही या असामान्य निशान नजर आएं तो सावधान हो जाएं। कभी-कभी पुरानी जानकारी हटाने के बाद उसके ऊपर नई तारीख डालने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि हर हल्का निशान धोखाधड़ी का प्रमाण नहीं होता, लेकिन तारीख अस्पष्ट हो या जानबूझकर बदली हुई लगे तो ऐसा पैकेट न खरीदना बेहतर है। संदेह होने पर उसी उत्पाद का दूसरा पैकेट लें और दोनों की प्रिंटिंग की तुलना कर सकते हैं।
2. तारीख की दोहरी Printing को नजरअंदाज न करें
किसी पैकेट पर तारीख के नीचे पुरानी प्रिंटिंग की हल्की छाया दिखाई दे या अंक दोहरी तरह से नजर आएं तो सतर्क हो जाएं। सामान्य तौर पर पैकेट पर जरूरी जानकारी स्पष्ट और पढ़ने योग्य होनी चाहिए। अगर तारीख असामान्य तरीके से छपी हुई लगे, अंक अलग-अलग दिखाई दें या पुराने नंबर मिटाकर नए नंबर डाले जाने जैसा लगे, तो उस उत्पाद को खरीदने से बचें। खासतौर पर बड़ी मात्रा में धार्मिक आयोजन की खरीदारी करते समय एक-एक पैकेट की जांच करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए विश्वसनीय दुकान और सही पैकेजिंग वाले उत्पाद को प्राथमिकता दें।
3. तारीख की स्याही और बाकी Printing की तुलना करें
अगर Expiry या Manufacturing Date की स्याही पैकेट पर मौजूद बाकी जानकारी से बिल्कुल अलग नजर आ रही है, तो अतिरिक्त सावधानी बरतें। तारीख की प्रिंटिंग धुंधली हो, असामान्य रूप से गहरी हो या छूने पर फैलती हुई लगे तो दूसरा पैकेट लेना बेहतर है। हालांकि अलग-अलग बैच में प्रिंटिंग का रंग थोड़ा अलग होना अपने आप में मिलावट का सबूत नहीं है। इसलिए सिर्फ स्याही के रंग के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय तारीख, बैच नंबर, सील और निर्माता की जानकारी को एक साथ जांचें।
4. ऊपर चिपके Sticker को देखकर तुरंत नकली न मानें
पैकेट पर अतिरिक्त Sticker देखकर हर बार यह न मानें कि उत्पाद नकली है। कुछ परिस्थितियों में आयात, स्थानीय लेबलिंग या अन्य वैध कारणों से अतिरिक्त लेबल लगाए जा सकते हैं। लेकिन अगर कोई Sticker मूल तारीख या जरूरी जानकारी को छिपा रहा हो, टेढ़ा-मेढ़ा लगा हो या निर्माता की जानकारी से मेल नहीं खाता हो, तो सावधानी जरूरी है। खासतौर पर अगर Sticker के नीचे दूसरी तारीख दिखाई दे रही हो, तो दुकानदार से स्पष्टीकरण मांगें या दूसरा पैकेट खरीदें।
5. पैकेट की Seal और हालत जरूर जांचें
सिर्फ तारीख सही होने से खाद्य उत्पाद सुरक्षित होने की गारंटी नहीं होती। पैकेट की Seal, पैकेजिंग और बाहरी स्थिति भी देखें। फूला हुआ पैकेट, टूटी सील, रिसाव, असामान्य गंध या पैकेज में नुकसान दिखाई दे तो उसे न खरीदें। कुछ खाद्य पदार्थों में खराबी पैकेट की बाहरी स्थिति से भी संकेत दे सकती है। खासकर दूध, मावा, मिठाई, मक्खन और अन्य जल्दी खराब होने वाली चीजों को खरीदते समय ज्यादा सतर्क रहें। संदेह होने पर उत्पाद का इस्तेमाल न करना ही बेहतर है।
6. FSSAI Licence और Batch Number जरूर देखें
पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल पर दी गई जरूरी जानकारी जरूर पढ़ें। इसमें FSSAI Licence Number, निर्माता या पैकर का नाम, Batch/Lot Number, MRP, ग्राहक सेवा विवरण और तारीख संबंधी जानकारी शामिल हो सकती है। पैकेट पर जानकारी अस्पष्ट हो या जरूरी विवरण गायब हों तो उसे खरीदने से बचें। बड़ी मात्रा में भोग या प्रसाद के लिए खाद्य सामग्री खरीदते समय यह जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बाद में किसी समस्या की स्थिति में Batch Number और बिल उत्पाद की पहचान और शिकायत के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
7. खरीदारी का Bill जरूर लें
धार्मिक आयोजन के लिए खाद्य सामग्री खरीदते समय बिल लेना कई लोग जरूरी नहीं समझते। लेकिन अगर बाद में कोई पैकेट खराब, संदिग्ध या गलत लेबल वाला निकलता है तो बिल महत्वपूर्ण सबूत बन सकता है। इसलिए दुकानदार से पक्का बिल लें और पैकेट को तब तक संभालकर रखें जब तक सामान इस्तेमाल न हो जाए। संदिग्ध उत्पाद मिलने पर उसकी फोटो, Batch Number, तारीख और दुकान की जानकारी भी सुरक्षित रखी जा सकती है। इससे शिकायत करते समय संबंधित अधिकारियों को जानकारी देना आसान हो सकता है।
Best Before और Expiry Date में क्या अंतर है?
Best Before और Expiry Date को एक जैसा नहीं समझना चाहिए। Best Before आम तौर पर उस अवधि को बताता है जिसके भीतर निर्माता के अनुसार उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर रहने की उम्मीद होती है। दूसरी ओर, Expiry या Use By जैसी तारीख खाद्य पदार्थ के सुरक्षित इस्तेमाल से जुड़ी अंतिम सीमा को दर्शा सकती है। खाद्य पदार्थ के प्रकार और लेबलिंग नियमों के अनुसार अर्थ अलग हो सकता है। इसलिए लेबल पर दी गई निर्माता की निर्देशित जानकारी को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। दूध, मावा, ताजी मिठाई और अन्य जल्दी खराब होने वाले उत्पादों में तारीख को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहिए।
कान्हा को महंगा नहीं, शुद्ध भोग चाहिए
जन्माष्टमी पर भोग के लिए बहुत महंगे पैकेट या बड़ी मात्रा में बाजार का सामान खरीदना जरूरी नहीं है। धार्मिक परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण को श्रद्धा और प्रेम से अर्पित किए गए साधारण पदार्थों का भी महत्व बताया गया है। श्रीमद्भगवद्गीता के नौवें अध्याय के 26वें श्लोक में भगवान कृष्ण कहते हैं—“पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति”। यानी भक्त प्रेमपूर्वक पत्र, पुष्प, फल या जल अर्पित करे तो भगवान उसे स्वीकार करते हैं। इसलिए यदि बाजार के किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह है, तो घर पर तैयार ताजा और स्वच्छ सामग्री से भोग लगाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
संदिग्ध खाद्य सामग्री मिले तो शिकायत कैसे करें?
अगर किसी पैकेट पर तारीख से छेड़छाड़, गलत लेबलिंग या खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर गड़बड़ी नजर आती है, तो पैकेट को तुरंत फेंकने के बजाय उसकी फोटो, Batch Number, FSSAI Licence Number और बिल सुरक्षित रखें। शिकायत के लिए FSSAI के Food Safety Connect माध्यम का इस्तेमाल किया जा सकता है। शिकायत करते समय उत्पाद का नाम, दुकान की जानकारी, खरीद की तारीख और उपलब्ध साक्ष्य देना उपयोगी रहेगा। धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री खरीदने वालों के लिए यह सावधानी खास तौर पर जरूरी है।
जन्माष्टमी पर भोग खरीदते समय इन बातों को रखें याद
जन्माष्टमी की खरीदारी में थोड़ी सी सावधानी आपको खराब या संदिग्ध खाद्य सामग्री से बचा सकती है। पैकेट की तारीख, सील, Batch Number, FSSAI Licence और बिल जांचना आसान कदम हैं। किसी भी पैकेट की तारीख बदली हुई लगे या पैकेजिंग संदिग्ध दिखाई दे तो उसे खरीदने से बचें। आखिर यह वही भोजन है जिसे पहले भगवान को अर्पित किया जाएगा और बाद में प्रसाद के रूप में लोग ग्रहण करेंगे। इसलिए भोग में दिखावे से ज्यादा जरूरी है—स्वच्छता, ताजगी, गुणवत्ता और श्रद्धा।