राजस्थान निकाय चुनाव: मतदान से पहले BJP-कांग्रेस का खुला खाता, 3 पार्षद निर्विरोध तय
Rajasthan Nikay Chunav: राजस्थान निकाय चुनाव में मतदान से पहले ही बीजेपी और कांग्रेस के खाते में जीत दर्ज होती नजर आ रही है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान तीन वार्डों में प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने के बाद केवल एक-एक प्रत्याशी मैदान में बचा है। इनमें बीजेपी के दो और कांग्रेस का एक उम्मीदवार शामिल है। हालांकि, तीनों के निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।**
तीन वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति
नामांकन पत्रों की जांच के बाद बीकानेर नगर निगम के वार्ड 69, बूंदी जिले की हिंडौली नगरपालिका के वार्ड 20 और डूंगरपुर नगर परिषद के वार्ड 23 में मुकाबले की तस्वीर बदल गई। इन तीनों वार्डों में दूसरे उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के बाद अब केवल एक-एक प्रत्याशी मैदान में रह गया है। बीकानेर और डूंगरपुर में बीजेपी प्रत्याशी अकेले बचे हैं, जबकि हिंडौली में कांग्रेस उम्मीदवार के सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है।
बीकानेर में बीजेपी की लीला गहलोत निर्विरोध
बीकानेर नगर निगम के वार्ड 69 में बीजेपी की लीला गहलोत का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। इस वार्ड में कांग्रेस की ओर से ममता ने नामांकन दाखिल किया था। बताया गया कि उन्होंने कांग्रेस का आधिकारिक सिंबल मिलने से पहले RLP से नामांकन किया था। बाद में कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया, लेकिन RLP की ओर से सिंबल नहीं मिलने के कारण उनका नामांकन निर्धारित प्रक्रिया में मान्य नहीं हो सका। इसके बाद वार्ड में लीला गहलोत अकेली प्रत्याशी रह गईं।
हिंडौली में कांग्रेस के हनुमान व्यास अकेले मैदान में
बूंदी जिले की हिंडौली नगरपालिका के वार्ड 20 में भी मतदान की स्थिति खत्म होती दिखाई दे रही है। यहां कांग्रेस के हनुमान व्यास और बीजेपी के जितेंद्र सिंह के बीच मुकाबला होना था। नामांकन जांच के दौरान बीजेपी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह का पर्चा खारिज कर दिया गया। इसके बाद हनुमान व्यास ही एकमात्र उम्मीदवार रह गए। ऐसे में उनका निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। हालांकि, औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।
डूंगरपुर में BJP के मनन कलासुआ की जीत तय
डूंगरपुर नगर परिषद के वार्ड 23 में भी बीजेपी के मनन कलासुआ निर्विरोध निर्वाचित होने की स्थिति में हैं। परिषद के सभी 40 वार्डों में दाखिल नामांकन पत्रों की जांच के दौरान वार्ड 23 से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन आपराधिक मामलों से संबंधित जानकारी के आधार पर खारिज किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद बीजेपी उम्मीदवार मनन कलासुआ अकेले प्रत्याशी रह गए। मनन, बीजेपी के पूर्व एवं निवर्तमान सभापति अमृत कलासुआ के बेटे बताए गए हैं।
नामांकन खारिज होने से बदला चुनावी गणित
राजस्थान निकाय चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बड़ी संख्या में पर्चे विभिन्न कारणों से खारिज किए गए हैं। इनमें प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं। हालांकि, ज्यादातर वार्डों में एक से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में मौजूद हैं, इसलिए वहां मतदान होगा। लेकिन जिन वार्डों में केवल एक उम्मीदवार बचा है, वहां निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
कांग्रेस ने कई जगह लगाए धांधली के आरोप
नामांकन खारिज होने के मामलों को लेकर कांग्रेस ने कई जगह सवाल भी उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर नामांकन प्रक्रिया में सरकारी स्तर पर धांधली हुई। कांग्रेस का दावा है कि भीलवाड़ा समेत कई निकायों में उसके प्रत्याशियों तक समय पर पार्टी का चुनाव चिन्ह नहीं पहुंचा, जिसके कारण उनके नामांकन खारिज हो गए। इन आरोपों को लेकर कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध भी जताया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित चुनाव अधिकारियों की प्रक्रिया और रिकॉर्ड से ही होगी।
आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार
तीनों वार्डों में एक-एक प्रत्याशी बचने के बाद बीजेपी और कांग्रेस को मतदान से पहले ही सीट मिलने की स्थिति बन गई है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया के तहत निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है। नामांकन वापसी और अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। इसके साथ ही राजस्थान निकाय चुनाव में निर्विरोध चुने जाने वाले पार्षदों की संख्या आगे और बढ़ सकती है।