सिरोही निकाय चुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी सुंदर देवी का नामांकन खारिज, वार्ड 10 में BJP को बढ़त
सिरोही नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 में निकाय चुनाव से पहले बड़ा चुनावी उलटफेर सामने आया है। कांग्रेस प्रत्याशी सुंदर देवी का नामांकन रिटर्निंग अधिकारी ने खारिज कर दिया है। नामांकन पर बीजेपी प्रत्याशी की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिसमें नगर परिषद के नो-ड्यूज और अतिक्रमण से जुड़े मामलों का हवाला दिया गया था। कांग्रेस ने सुनवाई के दौरान इन आपत्तियों पर अपना पक्ष रखा और संबंधित दस्तावेज भी पेश किए। हालांकि, सुनवाई पूरी होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी परमजीत सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त कर दिया। इसके बाद वार्ड नंबर 10 में चुनावी मुकाबले की तस्वीर बदल गई है।
बीजेपी प्रत्याशी ने सुंदर देवी के नामांकन पर जताई आपत्ति
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बीजेपी प्रत्याशी की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार सुंदर देवी के नामांकन को लेकर रिटर्निंग अधिकारी परमजीत सिंह के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई। आपत्ति में नगर परिषद से जुड़े अदेयता यानी नो-ड्यूज और अतिक्रमण संबंधी मामलों को आधार बनाया गया। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने दोनों पक्षों को सुनवाई का मौका दिया। कांग्रेस की ओर से नेता दशरथ नरूका समेत अन्य अधिवक्ताओं ने सुंदर देवी का पक्ष रखा। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने आपत्ति के जवाब में दस्तावेज और अपने तर्क अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए।
कांग्रेस ने नो-ड्यूज प्रमाण पत्र का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से मुख्य तर्क यह दिया गया कि नगर परिषद पहले ही सुंदर देवी को नो-ड्यूज प्रमाण पत्र जारी कर चुकी है। कांग्रेस का कहना था कि जब प्रत्याशी के पास अदेयता नहीं होने का प्रमाण मौजूद है, तो इसी आधार पर नामांकन खारिज करना उचित नहीं है। इसके अलावा अतिक्रमण से संबंधित नोटिस को लेकर भी कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई। पार्टी नेताओं ने संबंधित दस्तावेज रिटर्निंग अधिकारी के सामने रखे और नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने लगाया राजनीतिक द्वेष का आरोप
कांग्रेस नेता दशरथ नरूका ने आरोप लगाया कि सुंदर देवी को 31 अगस्त को अतिक्रमण को लेकर जारी किया गया नोटिस राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था। कांग्रेस का दावा है कि नामांकन की सुनवाई के दौरान इस मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष पेश किए गए थे। पार्टी ने अपने पक्ष में मौजूद तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर नामांकन स्वीकार करने की मांग की। हालांकि, कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए राजनीतिक द्वेष के आरोपों को फिलहाल कांग्रेस के दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
रिटर्निंग अधिकारी ने नामांकन किया निरस्त
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और दस्तावेजों की जांच के बाद रिटर्निंग अधिकारी परमजीत सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी सुंदर देवी का नामांकन निरस्त कर दिया। नामांकन खारिज होने के बाद वार्ड नंबर 10 में कांग्रेस की चुनावी रणनीति को बड़ा झटका लगा है। अब वार्ड में बचे उम्मीदवारों के आधार पर मुकाबले की तस्वीर तय होगी। यदि कांग्रेस की ओर से कोई वैकल्पिक चुनावी रास्ता या कानूनी चुनौती सामने नहीं आती है, तो बीजेपी प्रत्याशी को इसका सीधा राजनीतिक फायदा मिल सकता है।
क्या वार्ड 10 में होगी एकतरफा जीत?
सुंदर देवी का नामांकन खारिज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वार्ड नंबर 10 में बीजेपी प्रत्याशी की राह आसान हो गई है? इसका जवाब अंतिम उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही मिलेगा। नामांकन वापसी की प्रक्रिया और अंतिम सूची जारी होने के बाद मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। अगर बीजेपी प्रत्याशी के सामने कोई मजबूत उम्मीदवार मैदान में नहीं रहता है, तो चुनाव एकतरफा होने की स्थिति बन सकती है। वहीं, कांग्रेस आगे क्या रणनीति अपनाती है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।