जगन गुर्जर हत्याकांड: भाई लाल सिंह को 15 दिन की पैरोल, पुलिस निगरानी में पूरी करेगा धार्मिक रस्में
धौलपुर के चर्चित जगन गुर्जर हत्याकांड के बीच उसके बड़े भाई लाल सिंह गुर्जर को राहत मिली है। धौलपुर जिला जेल में बंद लाल सिंह को भाई के निधन के बाद पारिवारिक और धार्मिक रस्मों में शामिल होने के लिए 15 दिन की आकस्मिक पैरोल मंजूर की गई है। हालांकि, पैरोल अवधि के दौरान उसकी हर गतिविधि पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां कड़ी निगरानी रखेंगी तथा तय समय पूरा होने पर उसे जेल में वापस सरेंडर करना होगा।
15 दिन की आकस्मिक पैरोल पर जेल से बाहर आया लाल सिंह
धौलपुर जिला जेल में बंद लाल सिंह गुर्जर को नियमानुसार 15 दिन की आकस्मिक पैरोल प्रदान की गई है। यह राहत उसके भाई जगन गुर्जर की मृत्यु के बाद पारिवारिक एवं धार्मिक दायित्वों को पूरा करने के लिए दी गई है। प्रशासन ने मानवीय आधार पर पैरोल मंजूर की है, लेकिन इसके साथ सभी निर्धारित शर्तों का पालन अनिवार्य किया गया है। पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद लाल सिंह को बिना किसी देरी के धौलपुर जिला जेल में आत्मसमर्पण करना होगा।
अंत्येष्टि में पहले भी मिली थी सीमित अनुमति
जगन गुर्जर की हत्या के बाद अंतिम संस्कार के दौरान भी लाल सिंह ने शामिल होने की अनुमति मांगी थी। उस समय अदालत और जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उसे कड़ी पुलिस निगरानी में कुछ घंटों के लिए अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी थी। अब पारिवारिक और धार्मिक रस्मों को पूरा करने के लिए उसे विस्तारित राहत के रूप में 15 दिन की पैरोल दी गई है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियों की रहेगी पैनी नजर
पैरोल के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लाल सिंह की गतिविधियों पर स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार नजर रखेंगी ताकि पैरोल की शर्तों का उल्लंघन न हो और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहेगा।
जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद बढ़ी सतर्कता
कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद चंबल क्षेत्र और धौलपुर के आसपास पुलिस की सतर्कता पहले से बढ़ा दी गई है। क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू है और संभावित घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की जवाबी हिंसा या तनाव की आशंका को समय रहते रोकना है। फिलहाल जगन गुर्जर के परिवार में धार्मिक रस्में जारी हैं, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।