ट्रंप की अपील बेअसर, लेबनान में इजरायली हमलों में 16 लोगों की मौत
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई दौर के युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बावजूद दक्षिणी लेबनान में हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा हमलों में कई लोगों की मौत हुई है, जबकि अमेरिका की अपीलों का भी जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा।
दक्षिणी लेबनान में फिर बरसे बम, 16 लोगों की गई जान
दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नबातीह जिले में हुए हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी में 16 लोगों की मौत हो गई। लगातार हो रहे हमलों से इलाके में भय और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। बीते कई महीनों से सीमा क्षेत्र में हिंसा का दौर जारी है, जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कई घायल, राहत और बचाव कार्य जारी
हमलों के बाद बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं, जिन्हें आसपास के अस्पतालों और अस्थायी चिकित्सा शिविरों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं। लगातार हो रही गोलाबारी के कारण बचाव कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नबातीह के अलावा अन्य क्षेत्रों को भी बनाया निशाना
रिपोर्टों के मुताबिक नबातीह शहर के अलावा कफर जौज, कफर रेमन, ज़ेबदीन, कफर तिबनित और रायहान हाइट्स जैसे इलाकों में भी इजरायली सेना ने कार्रवाई की। कुछ स्थानों पर तोपों से गोलाबारी की गई, जबकि कई क्षेत्रों में हवाई हमले किए गए। इन हमलों से कई रिहायशी इलाकों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है।
अमेरिकी दबाव के बावजूद जारी है सैन्य अभियान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार इजरायल से लेबनान में सैन्य कार्रवाई सीमित करने की अपील कर चुके हैं। उनका मानना है कि आत्मरक्षा का अधिकार होने के बावजूद व्यापक हमलों से नागरिकों को भारी नुकसान होता है। हालांकि इन अपीलों और कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद इजरायली अभियान में कोई कमी नहीं आई है, जिससे अमेरिका और इजरायल के नेतृत्व के बीच मतभेदों की चर्चा भी तेज हो गई है।
बार-बार हुए युद्धविराम, लेकिन नहीं थमा संघर्ष
संघर्ष को रोकने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई बार युद्धविराम लागू किए गए, लेकिन स्थायी शांति स्थापित नहीं हो सकी। अलग-अलग अवधियों के लिए हुए सीजफायर समझौते समाप्त होने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव फिर बढ़ता गया। मौजूदा स्थिति यह संकेत दे रही है कि कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में स्थायी समाधान अभी भी दूर नजर आ रहा है।