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12 साल पुराने दिनेश जगा हत्याकांड में उम्रकैद काट रहे बंदी की मौत, सेवर जेल से अस्पताल ले जाते समय बिगड़ी हालत

सेवर केंद्रीय कारागार में अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

भरतपुर जिले की सेवर केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी भुल्लन की सोमवार तड़के तबीयत अचानक बिगड़ने से मौत हो गई। जेल प्रशासन ने तत्काल उसे उपचार के लिए जिला आरबीएम अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बंदी की मौत किन परिस्थितियों में और किस वजह से हुई। मामले से जुड़ी सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

सुबह चार बजे बिगड़ी तबीयत, जेल प्रशासन ने तुरंत कराया भर्ती

सेवर केंद्रीय कारागार के अधीक्षक परमजीत सिंह के अनुसार, सोमवार सुबह करीब चार बजे बंदी भुल्लन की तबीयत अचानक खराब हो गई। स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होने पर जेल प्रशासन ने बिना देरी किए उसे जिला आरबीएम अस्पताल भेजा। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नियमानुसार पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दिवाली की रात हुई थी चर्चित हत्या, 11 लोगों को मिली थी उम्रकैद

यह मामला वर्ष 2014 में बयाना कस्बे की महादेव गली में दिवाली की रात हुई दिनेश जगा की हत्या से जुड़ा है। आपसी रंजिश के चलते दिनेश जगा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस जांच के बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-1 में हुई, जहां विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराया।

मई 2026 में सुनाई गई थी सजा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 13 मई 2026 को भुल्लन सहित कुल 11 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से भुल्लन सेवर केंद्रीय कारागार में सजा काट रहा था। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मौत के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बंदी की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही। प्रशासन ने कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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