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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ईरान ने अमेरिका की लगभग सभी शर्तें स्वीकार कीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने दोनों देशों के बीच जारी वार्ताओं के दौरान अमेरिका की लगभग सभी प्रमुख शर्तों को स्वीकार कर लिया है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब हालिया सैन्य तनाव के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत फिर से आगे बढ़ रही है। हालांकि, ईरान ने अब तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे इस बयान की पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

ट्रंप ने इंटरव्यू में किया बड़ा दावा

एक इंटरव्यू के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने सैन्य स्तर पर ईरान पर बढ़त हासिल की है और मौजूदा वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका की लगभग सभी महत्वपूर्ण शर्तों को मान लिया है। हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन-किन शर्तों पर अंतिम सहमति बन चुकी है। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच संवाद जारी रखने पर सहमति बनने की खबरें भी सामने आई हैं।

किन मुद्दों की ओर हो सकता है ट्रंप का इशारा?

ट्रंप के बयान के बाद माना जा रहा है कि उनका संकेत परमाणु कार्यक्रम, संवर्धित यूरेनियम के भविष्य, परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता और होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को निर्बाध बनाए रखने जैसे प्रमुख मुद्दों की ओर हो सकता है। हालांकि इन बिंदुओं पर किसी आधिकारिक समझौते की सार्वजनिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि वार्ता किस स्तर तक पहुंची है और किन विषयों पर सहमति बनी है।

समझौता हुआ तो दोनों देशों को मिल सकते हैं बड़े लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में व्यापक समझौता होता है तो अमेरिका ईरान पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने पर विचार कर सकता है। इसके साथ ही ईरान के विदेशी फंड तक पहुंच बहाल करने और द्विपक्षीय तनाव कम करने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं। दूसरी ओर ईरान से परमाणु गतिविधियों पर पारदर्शिता बनाए रखने और क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग की अपेक्षा की जा सकती है। हालांकि फिलहाल इन संभावनाओं पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

ईरान की चुप्पी से बना हुआ है संशय

डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रंप के बयान में कितना तथ्यात्मक आधार है। इससे पहले भी ट्रंप कई बार ईरान से जुड़ी वार्ताओं को लेकर बड़े दावे कर चुके हैं, जिनका बाद में तेहरान ने खंडन किया था। ऐसे में इस बार भी अंतिम तस्वीर तभी साफ होगी जब दोनों देशों की ओर से आधिकारिक बयान या समझौते का विवरण सार्वजनिक किया जाएगा।

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