भारतीय नौसेना की बढ़ती भूमिका पर इजरायली विशेषज्ञ की टिप्पणी, समुद्री सुरक्षा में बताया अहम साझेदार
वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच एक इजरायली रणनीतिक विश्लेषक ने भारतीय नौसेना की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, हिंद महासागर और प्रमुख समुद्री चोकप्वाइंट्स की सुरक्षा में भारत की बढ़ती सक्रियता न केवल एशिया, बल्कि यूरोप, अमेरिका और इजरायल जैसे देशों के लिए भी रणनीतिक महत्व रखती है। विशेषज्ञ का कहना है कि भविष्य में केवल समुद्री मार्गों पर नियंत्रण नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और खुला बनाए रखने की क्षमता सबसे अहम होगी।
इजरायली विशेषज्ञ ने भारतीय नौसेना की सराहना की
इजरायली रणनीतिक विश्लेषक पौशाली लास ने द जेरूसलम पोस्ट में प्रकाशित अपने लेख में कहा कि भारत वैश्विक समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभर रहा है। उनके अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य, बाब-अल-मंदेब और मलक्का जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्गों पर स्थिरता बनाए रखने में भारतीय नौसेना की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने इसे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
भारत की भौगोलिक स्थिति को बताया रणनीतिक बढ़त
विशेषज्ञ के अनुसार, हिंद महासागर के मध्य स्थित भारत की भौगोलिक स्थिति उसे वैश्विक समुद्री व्यापार में विशेष रणनीतिक बढ़त देती है। भारत का पश्चिमी तट फारस की खाड़ी और लाल सागर की ओर जाने वाले मार्गों के निकट है, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह मलक्का जलडमरूमध्य तक महत्वपूर्ण पहुंच प्रदान करते हैं। उनका कहना है कि यही कारण है कि भारत समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा में प्रभावी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।
समुद्री सुरक्षा अभियानों में सक्रिय रही भारतीय नौसेना
लेख में उल्लेख किया गया है कि भारतीय नौसेना कई वर्षों से समुद्री डकैती रोधी अभियानों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभा रही है। विशेषज्ञ के अनुसार, 2024 में समुद्री हमलों में वृद्धि के दौरान भारत ने 30 से अधिक युद्धपोत तैनात किए और कई आपात स्थितियों में कार्रवाई करते हुए विभिन्न देशों के नागरिकों और व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान की। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक जिम्मेदारी का संकेत बताया।
हिंद महासागर में बढ़ रहा सामरिक महत्व
विश्लेषण में यह भी कहा गया है कि भारत अंडमान और निकोबार क्षेत्र में अपने सैन्य ढांचे को मजबूत कर रहा है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी निगरानी और परिचालन क्षमता बढ़ रही है। विशेषज्ञ के अनुसार, यह कदम क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह विशेषज्ञ का विश्लेषण, आधिकारिक नीति नहीं
गौरतलब है कि यह टिप्पणी एक इजरायली रणनीतिक विशेषज्ञ के विश्लेषण पर आधारित है। इसे भारत, इजरायल, अमेरिका या यूरोपीय संघ की आधिकारिक नीति या संयुक्त बयान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, हाल के वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय नौसैनिक भूमिका और समुद्री सुरक्षा अभियानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक ध्यान मिला है।