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AI सप्लाई चेन में भारत की बड़ी छलांग, अमेरिका समर्थित ‘Pax Silica’ पहल में शामिल हुआ भारत

भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अमेरिका की अगुवाई में शुरू की गई ‘Pax Silica’ पहल में भारत आधिकारिक रूप से शामिल हो गया है। इस मंच का उद्देश्य भरोसेमंद AI इकोसिस्टम, उन्नत चिप्स की सप्लाई और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है। भारत के जुड़ने के साथ इस पहल में शामिल देशों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है।

क्या है Pax Silica पहल?

‘Pax Silica’ एक बहुपक्षीय तकनीकी सहयोग पहल है, जिसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स और एडवांस्ड कंप्यूटिंग से जुड़ी वैश्विक सप्लाई चेन को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। इस पहल के जरिए सदस्य देश तकनीकी सहयोग, निवेश, अनुसंधान और उन्नत विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही संवेदनशील तकनीकों की आपूर्ति को अधिक स्थिर और विविध बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

वॉशिंगटन समिट में हुई भारत की आधिकारिक भागीदारी

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में आयोजित दूसरे ‘Pax Silica Summit’ के दौरान भारत की आधिकारिक सदस्यता की घोषणा की गई। इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन, विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू और भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ सेमीकंडक्टर, AI और टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

भारत को मिल सकते हैं कई रणनीतिक लाभ

इस पहल में शामिल होने से भारत को उन्नत AI कंप्यूटिंग के लिए आवश्यक हाई-परफॉर्मेंस सेमीकंडक्टर और अत्याधुनिक चिप्स की आपूर्ति मजबूत करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सुपरकंप्यूटिंग और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में विदेशी निवेश के नए अवसर भी खुल सकते हैं। इसके अलावा भारतीय इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को वैश्विक AI परियोजनाओं में भागीदारी का अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

वैश्विक टेक्नोलॉजी सहयोग में भारत की बढ़ती भूमिका

भारत लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, चिप डिजाइन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। ‘Pax Silica’ जैसी पहल में शामिल होने से भारत अमेरिका, जापान, यूरोपीय देशों और अन्य तकनीकी साझेदारों के साथ अनुसंधान, नवाचार और सप्लाई चेन सहयोग को और मजबूत कर सकेगा। यह पहल भारत के डिजिटल और तकनीकी विकास लक्ष्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पाकिस्तान की गैर-मौजूदगी भी चर्चा में

मौजूदा सदस्य देशों की सूची में पाकिस्तान शामिल नहीं है। हालांकि, इस पहल के आयोजकों की ओर से पाकिस्तान को शामिल न किए जाने के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए इसे किसी राजनीतिक निर्णय के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय केवल सदस्य देशों की वर्तमान सूची के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

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