गोविंदगढ़ में मिष्ठान भंडार पर खाद्य विभाग की कार्रवाई, मावा और कलाकंद के नमूने जांच के लिए भेजे
अलवर जिले के गोविंदगढ़ कस्बे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक प्रमुख मिष्ठान प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की है। चौपड़ बाजार स्थित धर्मी मिष्ठान भंडार से मावा और देसी कलाकंद के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभाग को लंबे समय से कथित रूप से मिलावटी मिठाइयों के निर्माण और सप्लाई की शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के बाद पूरे बाजार में चर्चा का माहौल है और अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
शिकायतों के बाद हरकत में आया खाद्य सुरक्षा विभाग
खाद्य सुरक्षा विभाग को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि संबंधित प्रतिष्ठान पर बड़ी मात्रा में कथित रूप से नकली या मानकों के अनुरूप नहीं होने वाले कलाकंद का निर्माण किया जा रहा है। शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया था कि यहां तैयार होने वाली मिठाइयों की सप्लाई स्थानीय बाजार के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी की जाती है। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए आवश्यक नमूने एकत्रित किए।
मावा और देसी कलाकंद के लिए गए नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारी देशबंधु गुप्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मावा और देसी कलाकंद के सैंपल लिए गए हैं। इन नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। विभाग का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
व्यापारियों को दिए गए स्वच्छता और नियम पालन के निर्देश
निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने केवल नमूने लेने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि प्रतिष्ठान संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए। बाजार के अन्य व्यापारियों को भी अपने लाइसेंस सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना भी है।
बाजार में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
खाद्य विभाग की कार्रवाई के दौरान और उसके बाद चौपड़ बाजार में लंबे समय तक चर्चाओं का दौर चलता रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित प्रतिष्ठान को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में विभाग की यह कार्रवाई लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गई। कई लोगों का मानना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई थी।
रिपोर्ट पर टिकी निगाहें, मिलावट मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
कार्रवाई के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण चरण प्रयोगशाला जांच का है। यदि रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों में मिलावट या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस बीच नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर भी व्यापारिक हलकों में चर्चा बनी हुई है। हालांकि विभाग ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।