अलवर में फिल्मी स्टाइल अपहरण का 3 घंटे में खुलासा, पुलिस ने युवक को सकुशल छुड़ाया, 3 आरोपी गिरफ्तार
अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित रेलवे जंक्शन के बाहर हुए सनसनीखेज अपहरण मामले का पुलिस ने महज तीन घंटे में खुलासा कर अपहृत युवक को सकुशल मुक्त करा लिया। इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस की मुस्तैदी एक बार फिर सामने आई है।
जानकारी के अनुसार जोधपुर निवासी उम्मेद सिंह अपने दो दोस्तों के साथ अलवर घूमने आया था। जैसे ही तीनों रेलवे स्टेशन से बाहर निकले, तभी बदमाशों ने उम्मेद सिंह को जबरन एक थार गाड़ी में डाल लिया और हरियाणा की ओर फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से स्टेशन क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
अपहरणकर्ताओं ने युवक के परिजनों को फोन कर 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी। भय के चलते परिजनों ने पहले 50 हजार और बाद में 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। यही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ।
सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक (शहर) अंगद शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। तकनीकी सहायता के जरिए पुलिस ने उस बैंक खाते तक पहुंच बनाई, जिसमें फिरौती की रकम डाली गई थी। खाताधारक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह पहले भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है और अलवर में यह उनकी पहली बड़ी घटना थी। पुलिस लगातार बदमाशों का पीछा करती रही। इसी दौरान बदमाशों को भनक लग गई और उन्होंने रास्ते में थार गाड़ी बदलकर क्रेटा कार ले ली, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा नहीं छोड़ा।
आखिरकार भिवाड़ी-हरियाणा बॉर्डर के पास नूंह क्षेत्र में दबिश देकर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिद उर्फ जाहुल, नौफिल और नौसाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक कार भी बरामद की है। वहीं मुख्य आरोपी आवेद सहित दो अन्य बदमाश अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
अपहरण से मुक्त हुए उम्मेद सिंह ने बताया कि बदमाश लगातार मारपीट कर रहे थे और धमकी दे रहे थे कि यदि पैसे नहीं मंगवाए तो जान से मार देंगे। करीब तीन घंटे तक उसे हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में घुमाया गया। उन्होंने कहा कि अगर अलवर पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती तो उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।