दिवाली पर ट्रेनों में लंबी वेटिंग, बसों में सीटों की मारामारी; दिल्ली-जयपुर रूट पर बढ़ा दबाव
दिवाली के त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अलवर से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में नवंबर के मध्य तक लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनों के स्लीपर कोच में नो रूम की स्थिति बन गई है। वहीं, दिल्ली-जयपुर रूट पर बसों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। यात्रियों को मनचाहे समय पर सीट मिलना मुश्किल हो रहा है। निजी ट्रेवल एजेंसियों ने भी बढ़ती मांग के बीच किराए में इजाफा कर दिया है। त्योहार के बाद वापसी करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

मुख्य बातें
- दिवाली पर ट्रेनों में लंबी वेटिंग, दिल्ली-जयपुर बसों में सीटों की मारामारी
- अलवर से गुजरने वाली ट्रेनों में नो रूम, नवंबर तक टिकट मिलना मुश्किल
- दिवाली के बाद वापसी में भी संकट, ट्रेन और बसों में सीटों की कमी
ALWAR, 05 NOV. 2026:
अलवर से गुजरने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग
दिवाली के दौरान रेलवे की प्रमुख ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। अलवर से गुजरने वाली कई ट्रेनों में नवंबर के मध्य तक सीटों की उपलब्धता कम है। कुछ ट्रेनों में वेटिंग काफी लंबी हो गई है, जबकि स्लीपर क्लास में कई तारीखों पर नो रूम की स्थिति है।12414 गलता धाम पूजा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में 17 नवंबर तक औसत वेटिंग करीब 40 है। वहीं, 15014 रानीखेत एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अधिकांश दिनों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं। 12916 आश्रम एक्सप्रेस में 21 नवंबर तक औसत वेटिंग 66 बताई गई है। 15 नवंबर को इस ट्रेन की वेटिंग 128 के पार पहुंच गई है।
कई ट्रेनों में स्लीपर क्लास की सीटें फुल
14662 शालीमार मालानी एक्सप्रेस में 17 नवंबर तक औसत वेटिंग करीब 40 चल रही है। 15716 किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस में 19 नवंबर तक नो रूम की स्थिति है। इसके अलावा 12413 गलता धाम पूजा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में पूरे नवंबर स्लीपर क्लास की औसत वेटिंग 76 तक पहुंच गई है।इस ट्रेन में कई तारीखों पर वेटिंग 100 से 143 के पार बताई गई है। वहीं, 19403 भुज-दिल्ली एक्सप्रेस में भी 16 नवंबर तक स्लीपर क्लास में नो रूम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों और अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
दिल्ली-जयपुर रूट पर बसों की मांग बढ़ी
ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के कारण यात्रियों का रुझान बसों की ओर बढ़ रहा है। इसका असर दिल्ली-जयपुर रूट पर साफ दिखाई दे रहा है। दिवाली से दो दिन पहले ही इस मार्ग पर चलने वाली बसों में सीटों की मांग बढ़ गई है।स्लीपर बसों में भी एडवांस बुकिंग हो रही है। यात्रियों को अपनी पसंद के समय और सुविधा के अनुसार सीटें मिलना मुश्किल हो रहा है। परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों को पहले से टिकट बुक कराने की जरूरत पड़ रही है।
निजी ट्रेवल एजेंसियों ने बढ़ाया किराया
त्योहारी सीजन में निजी बसों और ट्रेवल एजेंसियों के वाहनों की मांग बढ़ने के साथ किराए में भी इजाफा हुआ है। यात्रियों का कहना है कि अधिक किराया देने के बावजूद मनचाहे समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।इससे त्योहार पर घर जाने वाले परिवारों का यात्रा बजट प्रभावित हो रहा है। वहीं, ट्रेन और बसों में सीटों की कमी के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी पड़ रही है।
दिवाली के बाद वापसी में भी हो सकती है परेशानी
दिवाली के बाद नौकरी और कारोबार के सिलसिले में लौटने वाले यात्रियों के सामने भी टिकटों की समस्या आ सकती है। ट्रेनों में पहले से लंबी वेटिंग और बसों में एडवांस बुकिंग के कारण वापसी की यात्रा आसान नहीं रहने की आशंका है।ऐसे में यात्रियों को यात्रा की तारीख तय करते समय उपलब्धता जांचने की जरूरत है। ट्रेन के साथ बसों के विकल्प भी देखना उपयोगी रहेगा। हालांकि, वास्तविक सीट उपलब्धता और किराया यात्रा की तारीख के अनुसार बदल सकता है।
प्रशासन का पक्ष
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