अलवर दिवाली हाट बाजार पर विवाद: निगम कार्यालय के बाहर व्यापारियों का चक्काजाम, बोले- नियम सबके लिए समान हों
अलवर में दिवाली हाट बाजार को लेकर व्यापारियों और नगर निगम के बीच विवाद फिर गहरा गया। घंटाघर और होप सर्कस से हटाकर दिवाली हाट में शिफ्ट किए गए व्यापारियों ने पुराने स्थानों पर दोबारा दुकानें लगने का विरोध किया। शनिवार को व्यापारी नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और सड़क पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि निगम कुछ दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सड़क किनारे लगी दुकानों को हटवाया। इसके बाद व्यापारियों का विरोध शांत हुआ।

मुख्य बातें
- अलवर में दिवाली हाट पर बवाल, निगम कार्यालय के बाहर व्यापारियों का चक्काजाम
- अलवर में व्यापारियों का सवाल- नियम सबके लिए एक क्यों नहीं?
- दिवाली बाजार को लेकर अलवर में विवाद, पुलिस ने हटवाई सड़क किनारे दुकानें
ALWAR,07 NOV.2026:
पुराने बाजारों में दोबारा दुकानें लगने से बढ़ा विवाद

नगर निगम ने 3 नवंबर को घंटाघर, होप सर्कस और पुराने बाजारों से फुटकर दुकानदारों को हटाया था। इन दुकानदारों को कंपनी बाग रोड स्थित दिवाली हाट में शिफ्ट किया गया था। हालांकि, शुक्रवार को कुछ दुकानदारों ने पुराने स्थानों पर फिर से दुकानें लगा लीं।इसकी जानकारी मिलते ही दिवाली हाट में शिफ्ट हुए व्यापारी नाराज हो गए। उन्होंने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। व्यापारियों ने सड़क पर जाम लगाकर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
व्यापारियों ने उठाया दोहरे रवैये का मुद्दा
धरने पर बैठे व्यापारी रविंद्र कुमार और विनय सिंह ने कहा कि निगम ने उन्हें पुराने बाजारों से हटाते समय स्पष्ट निर्देश दिए थे। उन्हें बताया गया था कि घंटाघर और होप सर्कस क्षेत्र में दिवाली का सामान बेचने की अनुमति नहीं होगी।व्यापारियों का सवाल था कि जब सभी को वहां से हटाया गया, तो कुछ दुकानदारों को दोबारा दुकानें लगाने की छूट कैसे मिल गई? उन्होंने मांग की कि सभी दुकानदारों के लिए समान नियम लागू किए जाएं।
पुराने स्थानों पर दुकान लगाने की अनुमति देने की मांग
व्यापारियों ने नगर निगम के सामने दो विकल्प रखे। उनका कहना था कि या तो सभी दुकानदारों को पुराने बाजारों में दुकान लगाने की अनुमति दी जाए। अन्यथा वहां दोबारा दुकानें लगाने वालों को भी हटाया जाए।उन्होंने कहा कि निगम की कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। नियम सभी व्यापारियों पर समान रूप से लागू किए जाने चाहिए।
चक्काजाम से राहगीरों को हुई परेशानी
नगर निगम कार्यालय के बाहर अचानक धरना और चक्काजाम होने से आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ। व्यस्त मार्ग पर वाहनों की कतारें लग गईं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने व्यापारियों से समझाइश की और होप सर्कस व घंटाघर के आसपास सड़क पर लगी दुकानों को हटवाया। इसके बाद व्यापारियों ने विरोध समाप्त कर दिया।
पुलिस का पक्ष
पुलिस ने व्यापारियों से समझाइश की
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