राजस्थान पंचायत चुनाव: कहीं 30 तो कहीं 25 साल पुराना सियासी दबदबा टूटा, मालवीया के करीबी परिवारों को हार
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के नतीजों में बांसवाड़ा के आनंदपुरी क्षेत्र से कई चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। यहां पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के करीबी माने जाने वाले दो परिवारों को सरपंच चुनाव में हार मिली। छाजा ग्राम पंचायत में करीब 30 साल से चले आ रहे एक परिवार के राजनीतिक प्रभाव को चुनौती मिली। वहीं, टामटिया में करीब 25 साल पुराने दबदबे पर भी मतदाताओं ने बदलाव का फैसला सुनाया। इसके अलावा, कुछ पंचायतों में जीत का अंतर बेहद कम रहा। कहीं प्रत्याशी 2, तो कहीं 3, 5 और 8 वोटों से जीते।

मुख्य बातें
- बांसवाड़ा में 30 साल पुराना सियासी दबदबा टूटा, मालवीया के करीबी परिवार को हार
- कहीं 2 तो कहीं 3 वोट से जीत, आनंदपुरी में कांटे का मुकाबला
- 25 साल पुराने राजनीतिक प्रभाव को चुनौती, टामटिया में परिवार को हार
BANSWARA, 07 NOV. 2026:
छाजा में 530 वोटों से तुलसी देवी ने दर्ज की जीत
आनंदपुरी पंचायत समिति की छाजा ग्राम पंचायत में इस बार चुनाव परिणाम ने सबका ध्यान खींचा। यहां पिछले करीब 30 वर्षों से हरिशंकर देवतरा के परिवार का राजनीतिक प्रभाव माना जाता था। देवतरा को पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया का करीबी बताया जाता है।इस चुनाव में उनके परिवार की गीता देवी को हार का सामना करना पड़ा। तुलसी देवी ने 1,097 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। वहीं, गीता देवी को 567 वोट मिले। इस तरह तुलसी देवी ने 530 मतों के अंतर से चुनाव जीत लिया। गीता देवी लगातार तीन बार सरपंच रह चुकी थीं। इस बार ग्रामीणों ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया। छाजा के परिणाम में तुलसी देवी की जीत की पुष्टि उपलब्ध चुनाव परिणाम सूची में भी हुई है।
टामटिया में भी 25 साल पुराने प्रभाव को चुनौती
टामटिया ग्राम पंचायत में भी इस बार चुनावी नतीजे चर्चा में रहे। यहां करीब 25 वर्षों से हकरिया कलासुआ के परिवार का प्रभाव माना जाता था। हकरिया कलासुआ को भी मालवीया का करीबी बताया जाता है।इस चुनाव में उनके परिवार को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में विजेता प्रत्याशी और दोनों उम्मीदवारों के वोटों का पूरा ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए यहां जीत का अंतर स्पष्ट नहीं है।
आनंदपुरी क्षेत्र में बेहद कम अंतर से जीते प्रत्याशी
आनंदपुरी पंचायत समिति की कई ग्राम पंचायतों में सरपंच चुनाव के नतीजे बेहद करीबी रहे। आबला पंचायत में देवकन्या को 356 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी संतु को 354 वोट मिले। देवकन्या ने महज 2 वोटों से जीत दर्ज की।पूजा खुलड़ी पंचायत में कमतुदेवी ने गंगा को 5 वोटों से हराया। गंगा को 170 वोट मिले। वहीं, टेमरन पंचायत में दिनेश पारगी को 533 और असीताकुमारी को 530 वोट मिले। दिनेश पारगी 3 वोटों से विजयी रहे।
पंचायत चुनाव में मतदाताओं ने दिया बदलाव का संदेश
इन नतीजों ने ग्रामीण राजनीति में स्थानीय प्रभाव और मतदाताओं की पसंद के बीच अंतर को सामने रखा है। लंबे समय से प्रभावशाली माने जाने वाले परिवारों को भी इस बार चुनावी चुनौती मिली। वहीं, कई पंचायतों में जीत का फैसला कुछ ही वोटों से हुआ।राजस्थान में तीसरे चरण के सरपंच और वार्ड पंच चुनाव 5 नवंबर को हुए थे। मतगणना मतदान के बाद ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर हुई। इसके बाद 6 नवंबर को उपसरपंचों का निर्वाचन कराया गया।
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