धनराज बैरवा मौत मामले में बढ़ा तनाव, नरेश मीणा ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
टोंक जिले के देवली में निजी बिजली कर्मचारी धनराज बैरवा की करंट लगने से हुई मौत के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है। परिजन और सामाजिक संगठन मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। इस बीच भगत सिंह सेना के सुप्रीमो नरेश मीणा के आंदोलन में शामिल होने से पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से नया मोड़ ले लिया है।
मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन
देवली में करंट लगने से जान गंवाने वाले निजी बिजली कर्मचारी धनराज बैरवा के परिजन न्याय की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों का समर्थन भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
आंदोलन में शामिल हुए नरेश मीणा
सोमवार को भगत सिंह सेना के सुप्रीमो नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक सहायता का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय का सवाल है। मीणा ने प्रशासन से दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई किए बिना पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाएगा।
अंतिम संस्कार को लेकर दी चेतावनी
नरेश मीणा ने स्पष्ट कहा कि जब तक परिवार की मांगों पर उचित निर्णय नहीं होता, तब तक धनराज बैरवा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जबरन अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया गया तो प्रदेशभर में व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनके बयान के बाद मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं।
प्रशासन ने सहायता का प्रस्ताव रखा
दूसरी ओर प्रशासन की ओर से विद्युत निगम और अन्य योजनाओं के माध्यम से करीब 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि परिजन इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं और अपनी मूल मांगों पर कायम हैं। फिलहाल देवली क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और पुलिस-प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।