सुप्रीम कोर्ट की राजस्थान सरकार को फटकार, डॉक्टर देव कांत मीणा केस में पलटे फैसले पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को एक अहम मामले में कड़ी फटकार लगाई है। यह मामला सरकारी डॉक्टर डॉ. देव कांत मीणा से जुड़ा है, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।
जानकारी के अनुसार, यह मामला पहले से लंबित था और राज्य सरकार ने जांच के बाद डॉ. मीणा के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। यानी सरकार ने पहले साफ कहा था कि उनके खिलाफ केस चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।
लेकिन बाद में सरकार ने अपना ही फैसला बदलते हुए अभियोजन की मंजूरी दे दी। खास बात यह रही कि इस दौरान कोई नया सबूत या नई सामग्री सामने नहीं आई थी।
इसी मुद्दे पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रा शामिल थे, ने सरकार के इस यू-टर्न पर गंभीर सवाल उठाए।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना किसी नए तथ्य के फैसले को बदलना सही नहीं है और इससे यह संकेत मिलता है कि निर्णय राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण लिया गया हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के कदम न्याय प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर असर डालते हैं।
अब इस सख्त टिप्पणी के बाद राजस्थान सरकार के फैसले और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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