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देवधाम जोधपुरिया मेले में करंट से जयपुर के युवक की मौत, 3 महिलाएं घायल

टोंक के देवधाम जोधपुरिया में चल रहे लक्खी मेले के दौरान बुधवार रात बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के मुख्य द्वार के पास लगी स्टील रेलिंग में अचानक करंट दौड़ गया। इसकी चपेट में आने से जयपुर निवासी 20 वर्षीय युवक पीयूष गुर्जर की मौत हो गई। हादसे में तीन महिलाएं भी घायल हुई हैं। इनमें 17 वर्षीय मनीष गुर्जर की हालत गंभीर बताई गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया। हादसे के बाद मेले में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रशासन ने मौके की जानकारी जुटाकर करंट आने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

मंदिर की रेलिंग में अचानक दौड़ा करंट

देवधाम जोधपुरिया में इन दिनों लक्खी मेला चल रहा है। बुधवार रात मंदिर के मुख्य द्वार के पास श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान स्टील रेलिंग में अचानक करंट दौड़ गया।

रेलिंग के संपर्क में आने वाले कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल उपचार के लिए निवाई के उप जिला अस्पताल ले जाया गया।

जयपुर के 20 वर्षीय युवक की मौत

हादसे में जयपुर निवासी 20 वर्षीय पीयूष पुत्र भंवर सिंह गुर्जर की मौत हो गई। वह तोप खाना, इंद्रा बाजार क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।

हादसे की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस निवाई के उप जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया और मृतक के परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू की।

दो महिलाओं का अस्पताल में चल रहा इलाज

करंट की चपेट में आने से मंजू देवी (33) और बीना देवी (34) भी घायल हुईं। मंजू देवी कोटपूतली जिले की ढाणी नारायणपुर डूंगरी की निवासी बताई गई हैं।

वहीं बीना देवी अजपुरा गांव की रहने वाली हैं। दोनों का निवाई के उप जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से घटना की जानकारी ली।

17 वर्षीय बालिका गंभीर, जयपुर रेफर

हादसे में 17 वर्षीय मनीष गुर्जर निवासी मानकोट, थाना थानागाजी भी करंट की चपेट में आ गई।

प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। फिलहाल उसका आगे का उपचार जयपुर में कराया जा रहा है।

मेले की भीड़ में एंबुलेंस को रास्ता बनाने में परेशानी

देवधाम जोधपुरिया में लक्खी मेले के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस मौके पर पहुंची।

लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण एंबुलेंस को रास्ता बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों ने रास्ता खाली कराने में मदद की।

हादसे के बाद मेले में मची अफरा-तफरी

करंट की घटना सामने आते ही मेले में मौजूद श्रद्धालुओं में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग घटना के कारणों को लेकर जानकारी जुटाने लगे।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाना शुरू किया। प्रशासन की ओर से भी घटना की परिस्थितियों को लेकर जानकारी ली जा रही है।

रेलिंग में करंट कैसे आया, जांच शुरू

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि मंदिर के मुख्य द्वार की स्टील रेलिंग में करंट कैसे पहुंचा। पुलिस और प्रशासन इसकी जांच कर रहे हैं।

जांच में बिजली की वायरिंग, कनेक्शन और रेलिंग के आसपास की विद्युत व्यवस्था की स्थिति देखी जाएगी। हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।

मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

लक्खी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए बिजली और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में रेलिंग में करंट आने की घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि करंट किस वजह से आया और घटना के लिए किसी की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।

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