राजस्थान में चक्रवात अर्नब का असर जारी, 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; जयपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश
जयपुर: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से राजस्थान में मौसम का मिजाज बदल गया है। जयपुर समेत पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में आंधी और बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जयपुर में गुरुवार को कई इलाकों में बारिश हुई और देर रात तक करीब 20 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं, मौसम विभाग ने शुक्रवार को 15 जिलों में ऑरेंज और 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका है। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में गिरावट आई है और ठंडक बढ़ने लगी है।
चक्रवात अर्नब के असर से बदला राजस्थान का मौसम
राजस्थान में गुरुवार सुबह से ही मौसम में बदलाव देखने को मिला। पूर्वी जिलों में आंधी और बारिश का दौर शुरू हुआ, जो देर रात तक रुक-रुककर जारी रहा। इस दौरान कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, कोटपूतली, टोंक, सवाई माधोपुर, सीकर और अजमेर सहित कई क्षेत्रों में बारिश से मौसम ठंडा हो गया।बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, दिन के तापमान में करीब 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जयपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश, तापमान गिरा
जयपुर में गुरुवार दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। दोपहर करीब 12 बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई, जो रुक-रुककर रात तक जारी रही।जेएलएन मार्ग, टोंक रोड, सोडाला, प्रताप नगर, सांगानेर, सी-स्कीम, अजमेर रोड, वैशाली नगर और मानसरोवर सहित कई इलाकों में बारिश हुई।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जयपुर में करीब 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति भी बनी।मौसम केंद्र के अनुसार, गुरुवार को जयपुर का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम था। शाम 7 बजे तक तापमान गिरकर 23.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
15 जिलों में ऑरेंज, 19 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, शुक्रवार को राजस्थान के कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना है। विभाग ने 15 जिलों में ऑरेंज और 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। <Cite refs={[“turn740116search0”]}/>
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले:
अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक और डीडवाना-कुचामन।इन जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी इलाकों में कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश के साथ ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है।
येलो अलर्ट वाले जिले:
बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सिरोही, उदयपुर, बालोतरा, चूरू, जालौर, जोधपुर, नागौर और पाली।इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
शनिवार को भी बारिश के आसार, फिर शुष्क होगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर को भी पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में मौसम का असर बने रहने की संभावना है।
इसके बाद 1 और 2 नवंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बारिश के कारण अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना भी जताई गई है।
राजस्थान में पहले भी तूफानों का दिख चुका है असर
राजस्थान में इससे पहले भी चक्रवाती तूफानों के प्रभाव से भारी बारिश हुई है। इनमें ताउते और बिपरजॉय प्रमुख रहे हैं।
ताउते तूफान, मई 2021
ताउते के प्रभाव से उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और कोटा सहित कई जिलों में भारी बारिश हुई थी। इसके प्रभाव से राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला था।
बिपरजॉय तूफान, जून 2023
बिपरजॉय के प्रभाव से 16 से 20 जून के बीच राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश हुई थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 96 घंटे में प्रदेश में औसतन 86.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। यह मौसमी सामान्य बारिश का करीब 20 प्रतिशत बताया गया था।
बंगाल की खाड़ी के तूफान राजस्थान तक कैसे पहुंचते हैं?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में उठने वाले चक्रवाती तूफानों के कमजोर अवशेष मध्य भारत की ओर बढ़ते हुए राजस्थान के मौसम को प्रभावित कर सकते हैं।वहीं, अरब सागर में उठने वाले कुछ चक्रवात गुजरात तट की ओर बढ़ते हैं। कमजोर होने के बाद उनका असर राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है।मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, अर्नब के प्रभाव के साथ अन्य मौसमी प्रणालियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। नमी और वायुमंडलीय परिस्थितियों के मेल से प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का दौर बना।
बारिश से रबी की फसलों को मिल सकती है राहत
राजस्थान में हुई बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस समय कई क्षेत्रों में सरसों की बुवाई चल रही है। ऐसे में बारिश से खेतों में नमी बढ़ सकती है।पर्याप्त नमी होने से किसानों को शुरुआती सिंचाई की जरूरत कम पड़ सकती है। आगामी गेहूं और चने की फसलों के लिए भी मिट्टी में नमी उपयोगी साबित हो सकती है।हालांकि, बारिश का वास्तविक फायदा वर्षा की मात्रा और खेतों की स्थिति पर निर्भर करेगा। अधिक बारिश या ओलावृष्टि होने पर कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका भी रह सकती है।
ओलावृष्टि और तेज हवाओं को लेकर सावधानी जरूरी
मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचना चाहिए।किसानों को भी मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। वहीं, वाहन चालकों को बारिश के दौरान कम दृश्यता और फिसलन को ध्यान में रखकर सावधानी से वाहन चलाना चाहिए।फिलहाल राजस्थान में चक्रवात अर्नब और अन्य मौसमी प्रणालियों का असर बना हुआ है। 31 अक्टूबर तक कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना है, जबकि नवंबर की शुरुआत में मौसम शुष्क होने के आसार हैं।