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दिल्ली होटल अग्निकांड: बीमार पिता को देखने आए अग्रवाल परिवार के 8 सदस्य जिंदा जले, अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग को नहीं पता सच

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में एक होटल में लगी भीषण आग ने न सिर्फ 21 लोगों की जान ली, बल्कि कई परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। इस हादसे की सबसे दिल दहला देने वाली कहानी राधेश्याम अग्रवाल नामक एक बुजुर्ग की है, जो मैक्स अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं। उनके परिवार के 8 सदस्य, जो उन्हें देखने गुरुग्राम से दिल्ली आए थे, इस आग की चपेट में आकर मौत के मुंह में समा गए। दुखद पहलू यह है कि अस्पताल में भर्ती 80 वर्षीय राधेश्याम को अभी तक अपने परिवार के साथ हुई इस भयानक त्रासदी के बारे में कुछ भी नहीं पता है।

गुरुग्राम से आए थे मिलने, होटल में रुके थे परिवार के 8 सदस्य

जानकारी के अनुसार, राधेश्याम अग्रवाल (80+) पिछले कुछ समय से दिल्ली के मैक्स अस्पताल में फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए भर्ती थे। उनके परिवार के 8 सदस्य, जिनमें उनकी पत्नी, बच्चे और पोते-पोतियां शामिल थे, उन्हें देखने और उनका हालचाल जानने के लिए गुरुग्राम से दिल्ली आए थे। चूंकि अस्पताल का विजिटिंग टाइम सीमित होता है और वे लंबी यात्रा करके आए थे, इसलिए उन्होंने पास ही स्थित हौज रानी इलाके के एक होटल में कमरा बुक किया था। वे उम्मीद कर रहे थे कि अगली सुबह वे फिर से राधेश्याम से मिलेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

भीषण आग ने निगला सब कुछ, 8ों सदस्यों की हुई दर्दनाक मौत

बुधवार की रात हौज रानी इलाके के उस होटल में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया। होटल में रुके अग्रवाल परिवार के सभी 8 सदस्य धुएं और आग की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों और दमकल विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि लोग बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ पाए। इस हादसे में अग्रवाल परिवार के सभी 8 सदस्यों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। उनकी लाशें जब बाहर निकाली गईं, तो नजारा किसी को भी रुला देने वाला था।

अस्पताल में भर्ती पिता को छिपाई गई सच्चाई, डॉक्टरों ने रोकी खबर

इस पूरी त्रासदी के बीच सबसे ज्यादा संवेदनशील पहलू राधेश्याम अग्रवाल की हालत है। वे मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों और परिजनों ने यह फैसला लिया है कि फिलहाल राधेश्याम को अपने परिवार के 8 सदस्यों की मौत की खबर न दी जाए। डॉक्टरों का मानना है कि अगर उन्हें यह सच्चाई पता चल गई, तो उनका स्वास्थ्य और बिगड़ सकता है और वे इस झटके को सहन नहीं कर पाएंगे। इसलिए, अस्पताल स्टाफ और बचे हुए रिश्तेदारों ने उनके सामने इस घटना का जिक्र करना पूरी तरह से बंद कर दिया है।

पुलिस जांच में जुटी, होटल प्रबंधन पर सवाल उठे

दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग इस हादसे की गहन जांच में जुटा हुआ है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि होटल में आग लगने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज शामिल हो सकता है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल होटल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठा है। क्या होटल में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे? क्या आपातकालीन निकास द्वार खुले थे? इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। होटल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है, ताकि ऐसी लापरवाही के लिए जिम्मेदारों को कानून के कठघरे में लाया जा सके।

दिल्ली में बढ़ती आग की घटनाएं, सख्त नियमों की मांग

हौज रानी होटल अग्निकांड की यह घटना दिल्ली में बढ़ती आग की दुर्घटनाओं को लेकर फिर से चिंता का विषय बन गई है। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में होटलों, अस्पतालों और आवासीय इमारतों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान गई है। विशेषज्ञों और आम जनता का कहना है कि अब समय आ गया है कि प्रशासन होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए आग सुरक्षा नियमों को और अधिक सख्ती से लागू करे। नियमित निरीक्षण और कड़े जुर्माने के बिना ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।

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