ग्वालियर में 15 फीट ऊंची दीवार ढही, महिला की मौत, दो लोग गंभीर घायल
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 15 फीट ऊंची रिटेनिंग वॉल अचानक ढह गई। मलबे में एक ही परिवार के तीन लोग दब गए। राहत एवं बचाव दल ने तीनों को बाहर निकाला, लेकिन एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति और देवर का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
सुबह चाय के ठेले के पास हुआ दर्दनाक हादसा
ग्वालियर के चिरवाई नाका क्षेत्र में रविवार सुबह करीब 7 बजे यह हादसा हुआ। पहाड़ी के किनारे बनी करीब 15 फीट ऊंची रिटेनिंग वॉल अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय दीवार के पास चाय और सिगरेट का ठेला लगाने वाली 40 वर्षीय तराना उर्फ सपना अपने पति राहुल उर्फ लल्ली जाटव और देवर पप्पू जाटव के साथ मौजूद थीं। अचानक दीवार गिरने से तीनों मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
महिला की मौत, दो घायलों का ट्रॉमा सेंटर में इलाज
रेस्क्यू के बाद तीनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तराना उर्फ सपना को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल राहुल जाटव और उनके भाई पप्पू जाटव का ट्रॉमा सेंटर में उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार राहुल के पैर में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि पप्पू को कमर के नीचे गंभीर चोटें आई हैं। दोनों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आंतरिक चोटों की जांच के लिए आवश्यक मेडिकल परीक्षण भी किए गए हैं।
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निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल, लोगों ने जताया आक्रोश
हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए। लोगों ने दीवार के निर्माण में कथित लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दीवार की ऊंचाई अधिक थी और निर्माण के दौरान गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों की जांच की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दीवार गिरने के कारणों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने क्षेत्र को सुरक्षित कर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी है।
हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
इस घटना ने सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य समय-समय पर जांचे जाएं और जोखिम वाले ढांचों की निगरानी की जाए, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी जर्जर या जोखिमपूर्ण निर्माण की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।
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