डीग मदरसा हादसा: सेप्टिक टैंक में गिरीं छात्राएं, एक की मौत; 12 घायल, प्रबंधन पर गंभीर आरोप
राजस्थान के डीग जिले में एक मदरसे में हुए दर्दनाक हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मदरसा परिसर में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान छात्राएं हादसे का शिकार हुईं। इस घटना में 17 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य छात्राएं घायल हो गईं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। वहीं मदरसा प्रबंधन पर समय पर सूचना नहीं देने और मामले को छिपाने के आरोप लगे हैं।
सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
डीग जिले के एक मदरसे में रविवार को बड़ा हादसा सामने आया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मदरसा परिसर में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान कई छात्राएं अचानक टैंक में गिर गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और छात्राओं को बाहर निकाला। इस घटना में एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य छात्राएं घायल हो गईं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
17 वर्षीय छात्रा की मौत, 12 का चल रहा इलाज
हादसे में जान गंवाने वाली छात्रा की पहचान हरियाणा के साकरस निवासी 17 वर्षीय रोहिन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि टैंक में गिरने के बाद छात्राओं को काफी मशक्कत से बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक छात्रा को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य घायल छात्राओं की हालत पर चिकित्सकों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। घटना के बाद मृतक छात्रा के परिवार में शोक का माहौल है।
मदरसा प्रबंधन पर छात्राओं से सफाई कराने का आरोप
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप मदरसा प्रबंधन पर लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि छात्राओं से ही सेप्टिक टैंक की सफाई कराई जा रही थी और इसी दौरान यह हादसा हुआ। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और छात्राओं को इस काम में क्यों लगाया गया।
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हादसे की सूचना में देरी का आरोप
घटना के बाद मदरसा प्रबंधन पर पुलिस को समय पर सूचना नहीं देने के आरोप भी सामने आए हैं। आरोप है कि हादसे की जानकारी तत्काल प्रशासन को नहीं दी गई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। हालांकि बाद में सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
कलेक्टर और एसपी ने संभाली जांच की कमान
घटना की जानकारी मिलने के बाद डीग जिला प्रशासन हरकत में आया। जिला कलेक्टर मयंक मनीष और पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित लोगों से जानकारी ली। पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के पीछे की वास्तविक वजहों का पता लगाया जा रहा है।
सुरक्षा मानकों और जिम्मेदारी की होगी जांच
प्रशासन की ओर से पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सेप्टिक टैंक की सफाई किस परिस्थिति में कराई जा रही थी, क्या सुरक्षा उपाय मौजूद थे और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में दुख और आक्रोश का माहौल है।
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