CJP Delhi Protest: क्या कॉकरोच जनता पार्टी की होगी चुनावी राजनीति में एंट्री? राष्ट्रीय प्रवक्ता विजेता दहिया ने साफ किया आगे का पूरा रोडमैप
दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का ‘Gen Z’ (आज की युवा पीढ़ी) आंदोलन इस समय देश का सबसे बड़ा सियासी और सामाजिक हॉट टॉपिक बन चुका है। सोशल मीडिया के डिजिटल स्पेस से निकलकर सड़कों पर उतरे इस अभूतपूर्व छात्र सैलाब के बीच, हर किसी के जेहन में एक ही सवाल है कि क्या सीजेपी भविष्य में एक आधिकारिक राजनीतिक दल का रूप लेगी? इस बड़े सवाल, आंदोलन के भविष्य और सोशल मीडिया पर चल रहे ‘फेक न्यूज प्रोपेगेंडा’ को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता विजेता दहिया और सौरभ दास ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
राजनीतिक एंट्री पर संशय बरकरार, फिलहाल एजेंडे से बाहर
जब सीजेपी प्रवक्ता विजेता दहिया से सीधा सवाल किया गया कि क्या इस भारी जनसमर्थन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी खुद को चुनाव आयोग में एक राजनीतिक दल के रूप में रजिस्टर कराएगी? तो उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी अभी तय नहीं है। भविष्य में राजनीतिक पार्टी बन भी सकती है और नहीं भी, लेकिन फिलहाल यह हमारे एजेंडे या प्लान का हिस्सा बिल्कुल नहीं है। हमारा मानना है कि देश के युवाओं को राजनीति में आना चाहिए, लेकिन अभी हम उस दिशा में नहीं सोच रहे हैं। इतिहास में बहुत सारे आंदोलन हुए हैं, जैसे महात्मा गांधी का असहयोग आंदोलन था, तो क्या हर आंदोलन राजनीतिक दल बनने के लिए ही होता है?
सोशल मीडिया पर ‘आप’ से जोड़ने वाले प्रोपेगेंडा पर दिया करारा जवाब
विजेता दहिया ने उनके खिलाफ चलाए जा रहे व्यक्तिगत नैरेटिव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि लोग मेरी पुरानी तस्वीरों के माध्यम से मुझे ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं, जबकि मैं कभी ‘आप’ की सदस्य नहीं रही। जब वह पार्टी बनी थी, तो एक नागरिक के तौर पर मुझे उनसे उम्मीदें जरूर थीं, लेकिन आज हमारा ध्यान इन फालतू के प्रोपेगेंडा पर नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसी भ्रामक खबरों से दूर रहें और अपना पूरा ध्यान छात्रों के अधिकारों की इस लड़ाई पर केंद्रित रखें।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो चलेगा ‘कॉकरोच स्टाइल प्लान’
विजेता दहिया ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान NEET और CBSE गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देते हैं, तो आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि इसका स्वरूप बदल जाएगा। सीजेपी इसे किसी चुनावी महत्वाकांक्षा के बजाय एक सामाजिक आंदोलन के रूप में ही आगे बढ़ाएगी। उन्होंने एक बेहद दिलचस्प बात कही कि अगर इस्तीफा नहीं आता है, तो हमारी मांगें जारी रहेंगी और हमारी आगे की रणनीति धीरे-धीरे ‘कॉकरोचेस के स्टाइल’ में चलेगी। कॉकरोच बहुत अनप्रिडिक्टेबल (जिसका अंदाजा न लगाया जा सके) होते हैं, उन्हें आसानी से खत्म नहीं किया जा सकता और वे किसी भी परिस्थिति में सर्वाइव करना जानते हैं। हमारी रणनीति भी वैसी ही होगी।
चार दिनों से चल रहा था फेक न्यूज प्रोपेगेंडा: सौरभ दास
जंतर-मंतर पर मिल रहे जमीनी समर्थन से उत्साहित सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने विरोधियों और मुख्यधारा के कुछ हिस्सों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आंदोलन को बदनाम करने की कोशिशों का पर्दाफाश करते हुए कहा कि मैदान पर जैसा रिस्पांस मिलने की उम्मीद थी, बिल्कुल वैसा ही शानदार रिस्पांस मिल रहा है। पिछले तीन-चार दिनों से कुछ ताकतें पानी पी-पीकर हमारे खिलाफ एकदम घटिया स्तर का प्रोपेगेंडा और फेक न्यूज चला रही थीं। इस पूरे मूवमेंट के चारों ओर एक नेगेटिव नैरेटिव सेट करने की कोशिश की गई, ताकि युवा डर जाएं। लेकिन देश का युवा समझदार है, वह बहकावे में नहीं आया।
VIP हस्तियों को न्यौता नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर आ रहे लोग
जब प्रवक्ताओं से पूछा गया कि देश की किन-किन बड़ी राजनीतिक या सामाजिक हस्तियों को इस विरोध प्रदर्शन के लिए विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि पारंपरिक तरीके से किसी को वीआईपी कार्ड नहीं भेजा गया है। यह मंच किसी नेता को चमकाने के लिए नहीं है। जो भी हस्तियां जैसे सोनम वांगचुक या प्रकाश राज इस आंदोलन का समर्थन कर रही हैं, वे अपनी अंतरात्मा की आवाज पर युवाओं और पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए खुद आगे आई हैं। यह आंदोलन किसी खास चेहरे के दम पर नहीं, बल्कि देश के उन लाखों छात्रों के दम पर चल रहा है जिनका भविष्य दांव पर लगा है।