STVNEWS RAJASTHANअलवर से पूरे राजस्थान तकसोमवार, 9 नवंबर 2026LIVE TVEnglishEN

चीन में 20 साल की युवती के लिए हजारों लोग जुटे, सोशल मीडिया ने दिखाया इंसानियत जिंदा है

चीन के चोंगछिंग इलाके में 20 साल की दाइदाइ की मदद के लिए हजारों लोग सोशल मीडिया के जरिए एकत्र हुए। युवती ने अपने बुज़ुर्ग पिता के लिए नए साल के पारंपरिक सामुदायिक भोज में दो सूअर काटने की मदद मांगी, और ऑनलाइन अपील ने चमत्कार कर दिया।

पिता की मदद के लिए सोशल मीडिया से गुहार

दाइदाइ ने डोयिन ऐप (चीन का टिकटॉक) पर लिखा: “मेरे पिता बूढ़े हो गए हैं। मुझे डर है कि वह इन सूअरों को संभाल नहीं पाएंगे। क्या कोई मेरी मदद कर सकता है?” उसने यह भी वादा किया कि मदद करने वालों को भोज में भाग लेने का मौका मिलेगा।

सोशल मीडिया ने किया कमाल

दाइदाइ की अपील वायरल हो गई और इसे 10 लाख से ज्यादा लाइक्स मिले। हजारों लोग गांव की ओर चल पड़े, और दक्षिण-पश्चिम चीन की सड़कें जाम हो गईं। ड्रोन तस्वीरों में लंबी गाड़ियों की कतारें और धान के खेतों के बीच पहुंचते लोग दिखाई दिए।

लोगों की प्रतिक्रिया और भावनात्मक जुड़ाव

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 100 किलोमीटर दूर से आए एक व्यक्ति ने कहा, “माहौल बहुत अच्छा था। इससे मुझे अपना बचपन याद आ गया, जब हमारे घर भी सूअर पाले जाते थे। बरसों बाद ऐसा महसूस हुआ।” यह दिखाता है कि इंसानियत और समुदाय का भाव लोगों को जोड़ सकता है।

सामूहिक भोज और ऑनलाइन उत्सव

सूअर काटने और भोज का आयोजन लाइव किया गया। एक लाख से ज्यादा लोग लाइव जुड़े और करीब 2 करोड़ लाइक्स मिले। स्थानीय प्रशासन ने इसे पर्यटन के अवसर के रूप में अपनाया। आसपास के ढाबों और रेस्टोरेंट्स ने भी बाहरी लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की।

दो दिन तक चले जश्न का जादू

भोज दो दिन तक चला। 11 जनवरी को लगभग 1,000 लोग आए, अगले दिन यह संख्या 2,000 तक बढ़ गई। रात में अलाव जले, संगीत बजा और लोग जश्न में डूबे। दाइदाइ ने अंत में पोस्ट कर बताया कि आयोजन समाप्त हो गया और लोगों से कहा कि अब उनके घर न आएं।

सोशल मीडिया और इंसानियत का संगम

यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया की ताकत से एक छोटी सी गुहार भी बड़ी मानवता की कहानी बन सकती है। सिर्फ एक युवती की चिंता ने पूरे इलाके में सामुदायिक जुड़ाव और उत्सव को जन्म दिया। स्थानीय प्रशासन अब इसे हर साल आयोजित करने पर विचार कर रहा है।

इस खबर को शेयर करें

इस खबर में कोई गलती दिखी? हमें बताएं

Google पर STV की खबरें ज़्यादा देखें

STV को अपना पसंदीदा स्रोत चुनें।